उप्र में अब टेलीमेडिसिन के जरिये होगा आयुर्वेद पद्धति से उपचार

लखनऊ, अब उत्तर प्रदेश के सरकारी आयुर्वेद मेडिकल कालेजों में भी जल्द ही टेलीमेडिसिन के जरिये रोगियों के उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी । अभी तक यह सुविधा राज्य में केवल एलोपैथी चिकित्सा पद्धति वाले सुपर स्पेशियालिटी अस्पतालों में उपलब्ध है ।

उत्तर प्रदेश में पहली बार राजधानी लखनऊ के राजकीय आयुर्वेद कॉलेज में टेलीमेडिसिन सेंटर बनाया जा रहा है। इसे प्रदेश के सात अन्य आयुर्वेदिक मेडिकल कालेजों से जोड़ा जायेगा । इस योजना के दूसरे चरण में इन सभी आठ मेडिकल कालेजों को टेलीमेडिसिन के जरिये प्रदेश भर में फैली 2104 आयुर्वेदिक डिस्पेंसरियों से जोड़ने की योजना है । उम्मीद है कि इसी साल अगस्त माह से आयुर्वेद मेडिकल कालेजों में टेलीमेडिसिन चिकित्सा सुविधा आरंभ हो जायेगी ।

उत्तर प्रदेश आयुर्वेद विभाग के निदेशक आर आर चौधरी ने ‘भाषा’ को बताया कि ‘इस बाबत सरकार से इजाजत मिल गयी है और इस पर काम भी शुरू हो गया है । उम्मीद है कि अगस्त से सभी आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज टेलीमेडिसिन सुविधा से जुड़ जायेंगे। ‘

उन्होंने बताया कि ‘टेलीमेडिसिन सेंटर का मुख्य केंद्र लखनऊ का राजकीय आयुर्वेदिक कालेज होगा । इसे प्रदेश के बांदा, इलाहाबाद, मुजफफरनगर, झांसी, वाराणसी, पीलीभीत तथा बरेली स्थित सात आयुर्वेदिक मेडिकल कालेजों से जोड़ा जाएगा। पहले चरण में इन सभी सरकारी आयुर्वेदिक कालेजों को जोड़ने के बाद दूसरे चरण में प्रदेश की सभी 2104 आयुर्वेदिक डिस्पेंसरियों को मोबाइल एप के जरिये इस सुविधा से जोड़ा जाएगा ताकि मरीजों को एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति के साथ ही आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से भी घर बैठे इलाज करने का विकल्प मिल सके।’

चौधरी ने बताया कि इसके लिए आयुष मिशन द्वारा बजट जारी हो चुका है, वहीं इसकी स्थापना की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। करीब एक महीने में शुरू होने वाली इस सेवा से बाहरी जनपद के डॉक्टरों से संपर्क साधा जाएगा। वहीं, एक से दूसरे अस्पताल के डॉक्टरों से शोध निष्कर्ष और अन्य उपयोगी जानकारी भी साझा की जाएगी।

राजकीय आयुर्वेदिक अस्पतालों में डॉक्टर मरीजों का टेलीफोन और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की मदद से इलाज करेंगे। इलाज कोई परेशानी आई तो राजधानी के आयुर्वेद कॉलेज में स्पेशलिस्ट डॉक्टर से सलाह ली जाएगी। इससे मरीज को मौके पर ही इलाज मिल सकेगा। अभी लखनऊ के संजय गांधी आर्युविज्ञान संस्थान :एसजीपीजीआई: में अभी टेलीमेडिसिन की सुविधा है। इसके बाद यह सुविधा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज लखनऊ में होगी।

टेलीमेडिसिन पद्धति के जरिए आयुर्वेदिक कालेज के डॉक्टर विशेषज्ञ डॉक्टरों से वीडियो कॉलिंग के जरिए परामर्श लेकर मरीज का इलाज कर सकेंगे। ऑनलाइन कॉलिंग के लिए सभी अस्पताल में लैपटॉप या कंप्यूटर लगाकर इंटरनेट कनेक्शन दिए जाएंगे। उसका कंट्रोल रूम आयुर्वेदिक कॉलेज में स्थापित किया जाएगा जहां प्रतिदिन एक विशेषज्ञ की ड्यूटी लगाई जाएगी।

निदेशक आयुर्वेद ने बताया कि एक्स-रे, एमआरआई, खून जांच की रिपोर्ट और सर्जरी की फोटो और अन्य जरूरी कागजात और जांच रिपोर्ट ई-मेल द्वारा भेजे जाएंगे। इससे डॉक्टर इलाज के बारे में जरूरी सलाह ले सकेंगे। रूटीन चेकअप के लिए भी दूसरे शहर बार-बार आना नहीं पड़ेगा।

उन्होंने बताया कि इसका मोबाइल ऐप भी तैयार हो रहा है जो इस योजना के दूसरे चरण में कार्य करना शुरू कर देगा ।