थाईलेंड में अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में डॉ मोहन बैरागी आमंत्रित

उज्जैन। शहर के युवा लेखक व साहित्यकार डॉ. मोहन बैरागी को थाईलेंड के बैंकाक में होने वाली अंतरराष्ट्रीय रिसर्च कांफ्रेंस में आमंत्रित किया गया है। यह कांफ्रेंस थाईलेंड के बैंकाक स्थित कासेटसार्ट विश्वविद्यालय एवं ग्लोबल रिसर्च एंड डेवेलपमेंट द्वारा संयुक्त रूप से विश्वविद्यालय में सपंन्न होगी।  भाषा एवं मनोविज्ञान विषय पर आधारित यह कांफे्रंस 12 एवं 13 जुलाई को विश्वविद्यालय के सभागार में होगी जिसमें अलग अलग देशों के दो सो से ज्यादा प्रतिभागी भाग लेंगे। भाषा एवं मनोविज्ञान की वैश्विक स्थिति पर इस कांफ्रेंस में मंथन किया जावेगा जिसमें विभिन्न देशों के विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ शिक्षाविद्,विश्वविद्यालयों के कुलपति,प्रोफ्रेसर्स चर्चा करेंगें एवं निष्कर्ष कों अंतरराष्ट्रीय स्तर के सोवेनियर में प्रकाशित किया जावेगा। भारत से अन्य प्रतिभागियों के साथ उज्जैन से डॉ. मोहन बैरागी का चयन इसमें किया गया है तथा इस हेतु रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया हो गई है तथा डॉ. मोहन बैरागी को जीआईसीआईसीपीएलआर1808069 पंजीयन क्रमांक भी आवंटित किया गया है। डॉ. मोहन बैरागी को भाषा पर शोध करने वाले प्रतिभागी के रूप में चयनित किया गया है। डॉ. मोहन बैरागी इस कांफ्रेंस में भाषा पर किये जा रहे शोध व कार्य को रिसर्च पेपर के माध्यम से प्रस्तुत करेंगें। डॉ. बैरागी इससे पूर्व कई अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय रिसर्च कांफ्रेंस आयोजित कर चुके है तथा उनके शोधालेख,कविताएं,गीत, देश एवं विदेश के समाचार पत्रों व शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके है व रिसर्च कांफ्रेंस से निकले निष्कर्ष पर पर प्रकाशित सोवेनियर्स का संपादन भी कर चुके है। वे शहर के नवोदित साहित्यकार है व शोधकार्य के साथ साथ हिंदी कविता,गीत लेखन भी कर रहे है। डॉ. बैरागी का सुन जरा ऐ चितेरे नामक गीत संग्रह भी शीघ्र प्रकाश्य है। यह जानकारी डॉ. भेरूलाल मालवीय ने दी।