योग का कोई धर्म नहीं, आशा है कि दुनिया को आपस में जोड़ने वाली शक्ति बने : मोदी

संयुक्त राष्ट्र ,  दुनियाभर में कल मनाए गए चौथे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उम्मीद जताई कि योग दुनिया को एक सूत्र में बांधने वाली शक्ति बन सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि योग किसी धर्म विशेष से जुड़ा नहीं है और यह लोगों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।

मोदी ने कल वीडियो लिंक के जरिए न्यूयॉर्क के कैटस्किल्स इलाके में ‘ वाईओ 1 लग्जरी नेचर क्योर सेंटर ’ का उद्घाटन करते हुए यह टिप्पणी की।

इस तरह का केंद्र स्थापित करने का विचार राज्यसभा सांसद और एस्सेल समूह के अध्यक्ष सुभाष चंद्रा का है।

केंद्र के उद्घाटन के मौके पर अपने वीडियो संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा , ‘‘ शब्द योग का अर्थ है ‘ योग ’ यानी जोड़ना। इसलिए योग में बढ़ती रूचि मुझे उम्मीद से भर देती है। मुझे आशा है कि योग दुनिया को एक सूत्र में जोड़ने वाली शक्ति बन सकता है। ’’

केंद्र में इस प्रसारण को चंद्रा , होटल व्यवसायी संत सिंह चटवाल समेत भारतीय – अमेरिकी समुदाय के अनेक सदस्यों ने देखा।

मोदी ने कहा , ‘‘ मेरा हमेशा से यह मानना है कि योग का कोई धर्म नहीं है। इससे हर कोई लाभान्वित हो सकता है , वह भी जो स्वयं को धार्मिक नहीं मानते। ’’

उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा कि महज तीन वर्षों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अब दुनियाभर में एक जन आंदोलन बन गया है और यह कई देशों में सार्वजनिक जीवन का अहम हिस्सा बन गया है।

उन्होंने कहा , ‘‘ इसका प्रभाव केवल इसी दिन तक सीमित नहीं है। यह योग से प्रेरित लाखों लोगों के लिए शुरुआत करने का अवसर बन गया है , वे इसे करने का संकल्प ले रहे हैं। ’’

केंद्र की प्रशंसा करते हुए मोदी ने कहा कि इससे क्षेत्र में करीब 2,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।