भारत और बेलारूस के बीच आर्थिक एवं व्यापारिक क्षेत्र में और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता : सुमित्रा महाजन

मिन्स्क (बेलारूस),  लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने आज बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्सांद्र लुकाशेन्को के साथ मुलाकात की और इस बात पर जोर दिया कि समय की कसौटी पर खरे उतरे दोनों के संबंधों को आर्थिक एवं व्यापारिक क्षेत्र में और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता है।

लोकसभा अध्यक्ष बेलारूस की यात्रा पर आए भारतीय संसदीय शिष्टमंडल का नेतृत्व कर रही है।

बेलारूस के राष्ट्रपति के साथ चर्चा के दौरान सुमित्रा ने कहा कि दोनों देशों ने वर्तमान द्विपक्षीय संबंध सौहार्दपूर्ण एवं दोस्ताना है और उन्हें विशेषकर आर्थिक संबंध को और अधिक सुदृढ़ करने पर जोर दिया जाना चाहिए ।

लोकसभा अध्यक्ष ने बेलारूस के राष्ट्रपति को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शंघाई सहयोग परिषद् में जिस “सुरक्षा” संबंधी अवधारणा का उल्लेख किया था, उसका आशय केवल भौगोलिक सुरक्षा से नहीं बल्कि संपूर्ण अर्थ में सुरक्षा से है, जिसमें आर्थिक सुरक्षा भी सम्मिलित है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत का रूस से जो सुरक्षा सहयोग है, उसमें बेलारूस एवं उसकी उत्पादन इकाइयां महत्वपूर्ण रूप से जुड़े रही है।

लोकसभा सचिवालय की विज्ञप्ति के अनुसार, सुमित्रा महाजन ने कहा, ‘‘ हम दोनों देशों के बीच इस सहयोग को और भी विस्तार देना चाहते है। हमारे दोनों देशों को रक्षा, विज्ञान एवं तकनीक, सूचना प्रौद्योगिकी इत्यादि के क्षेत्रों में आपसी सहयोग को नए आयाम देना है।’’

भारत की स्मार्ट सिटी परियोजना का जिक्र करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि बेलारूस के अनुभव एवं तकनीकी ज्ञान का उपयोग न केवल स्मार्ट यातायात बल्कि स्मार्ट जल एवं विद्युत व्यवस्था, कचरा एवं मल निष्पादन तथा हरित इमारत जैसे क्षेत्रों में लाभदायी रहेगा।

वहीं, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्सांद्र लुकाशेन्को ने कहा कि भारत और बेलारूस के संबंध अत्यंत मधुर और मित्रतापूर्ण है। ‘‘अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हम एक-दूसरे का यथोचित सहयोग एवं समर्थन करते है। साथ ही ज्वलंत अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर हमारे विचारों में काफी एकरूपता है। ’’

उन्होंने कहा कि भारत-बेलारूस के मित्रता पूर्ण संबंधों को एक निश्चित दिशा देना आवश्यक है ताकि भविष्य में इन संबंधों का स्वरूप दोनों देशों के लिए फलदायी रहे। यह लक्ष्य हम गहन आर्थिक, व्यापारिक तथा औद्योगिक संबंधों को एक-दूसरे के देश में निवेश व संयुक्त उपक्रम के माध्यम से हासिल कर सकते हैं।