पुलिस ने भय्यू महाराज की हत्या की अटकलों को सिरे से खारिज किया

इंदौर, हाई प्रोफाइल आध्यात्मिक संत भय्यू महाराज की मौत की सीबीआई जांच की मांग के बीच पुलिस ने आज इन अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की कि उनकी हत्या की गयी थी।

पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) हरिनारायणचारी मिश्र ने यहां संवाददाताओं से कहा, “मौके से मिले पक्के सबूतों और मामले की शुरूआती जांच के आधार पर हमें रत्ती भर भी संदेह नहीं है कि भय्यू महाराज ने खुद को गोली मारकर जान दी। घटना का स्वरूप और इसकी प्रकृति एकदम स्पष्ट है। उन्होंने खुदकुशी का बड़ा कदम क्यों उठाया, इसकी अलग-अलग पहलुओं पर विस्तृत जांच की जा रही है।” डीआईजी ने कहा, “मामले की शुरूआती जांच में इस बात के संकेत जरूर मिले हैं कि वह पारिवारिक कलह के कारण तनाव में थे। लेकिन अलग-अलग सबूतों और बयानों की रोशनी में विस्तृत जांच जारी होने के चलते हम उनकी खुदकुशी के वास्तविक कारण को लेकर किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं।” उन्होंने बताया कि घटना में जिस रिवॉल्वर का इस्तेमाल किया गया, उसे जांच के लिए अपराध विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।

डीआईजी ने बताया कि पता लगाया जा रहा है कि इस रिवॉल्वर का लाइसेंस किसके नाम पर है। हालांकि, भय्यू महाराज के पारिवारिक सदस्यों ने पुलिस को बताया है कि इस आग्नेय हथियार का लाइसेंस आध्यात्मिक सन्त के नाम पर ही जारी किया गया था।

मिश्र ने बताया कि भय्यू महाराज ने सुसाइड नोट के एक हिस्से में लिखा है कि वह भारी तनाव से तंग आने के कारण जान दे रहे हैं, जबकि इसके पिछले हिस्से में उन्होंने अपने उत्तराधिकार को लेकर उनके एक खास सेवक पर भरोसा जताया है जो पिछले 15 साल से उनसे जुड़ा था।

इस बीच, सोशल मीडिया पर सीसीटीवी कैमरे का 11 जून का वीडियो फुटेज सामने आया है जिसमें भय्यू महाराज एक महिला और कुछ अन्य लोगों के साथ एक स्थानीय रेस्तरां में दिखाई दे रहे हैं।

डीआईजी ने कहा कि पुलिस की जांच में स्पष्ट हुआ है कि इस वीडियो फुटेज का भय्यू महाराज की आत्महत्या के मामले से कोई लेना-देना नहीं है। भय्यू महाराज अपनी पारिवारिक मित्र की संतानों के एक शिक्षण संस्थान में दाखिले के सिलसिले में मदद के लिए रेस्तरां पहुंचे थे।

भय्यू महाराज को अंतिम विदाई देने इंदौर पहुंचे उनके कुछ भक्तों ने अपने गुरु की साजिशन हत्या का संदेह जताते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।

संत की मौत को लेकर उठे अलग-अलग सवालों के बीच प्रदेश कांग्रेस पहले ही मांग कर चुकी है कि उनकी खुदकुशी के मामले की सीबीआई जांच करायी जाये।