बांग्लादेश ने भारत को हराकर पहली बार महिला एशिया कप जीता

कुआलालंपुर , भारतीय महिला क्रिकेट टीम को आज यहां शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा जब बांग्लादेश ने फाइनल में छह बार के चैंपियन को हराकर पहली बार एशिया कप खिताब जीत लिया।

भारतीय टीम के लिए यह टूर्नामेंट काफी शर्मनाक साबित हुआ जिसमें उसे बांग्लादेश की कमजोर टीम के खिलाफ एक हफ्ते में दो बार हार का सामना करना पड़ा।

टूर्नामेंट ने मिताली राज और झूलन गोस्वामी जैसी अनुभवी खिलाड़ियों की टी 20 प्रारूप में उपयोगिता पर भी सवालिया निशान लगा दिया है लेकिन उपयुक्त विकल्पों की कमी के कारण बीसीसीआई इन दोनों को टीम में रखने को बाध्य है।

बांग्लादेश को मैच की अंतिम गेंद पर जीत के लिए दो रन की दरकार थी और जहानआरा आलम ने विरोधी कप्तान हरमनप्रीत कौर की गेंद को डीप मिडविकेट पर दो रन के लिए खेलकर अपनी टीम को 113 रन के लक्ष्य तक पहुंचा दिया।

भारत की ओर से हरमनप्रीत ने 42 गेंद में 56 रन की पारी खेलने के अलावा 19 गेंद में दो विकेट चटकाए जबकि लेग स्पिनर पूनम यादव ने नौ रन देकर चार विकेट हासिल किए। भारत को हालांकि एक बार फिर अपनी लचर बल्लेबाजी का खामियाजा भुगतना पड़ा।

बांग्लादेश की कप्तान सलमा खातून ने टास जीतकर क्षेत्ररक्षण करने का फैसला किया जिसके बाद हरमनप्रीत को छोड़कर भारत की कोई बल्लेबाज विरोधी गेंदबाजों के सामने टिककर नहीं खेल पाई। हरमनप्रीत ने अपनी पारी में सात चौके मारे।

भारत का स्कोर एक समय 62 रन पर पांच विकेट था और अगर हरमनप्रीत एक छोर नहीं संभालती तो टीम 100 रन से कम पर सिमट सकती थी लेकिन अंत में नौ विकेट पर 112 रन बनाने में सफल रही।

भारत की शीर्ष तीन बल्लेबाजों ने काफी धीमी बल्लेबाजी की। मिताली ने 18 गेंद में 11, स्मृति मंधाना ने 12 गेंद में सात और दीप्ति शर्मा ने 11 गेंद में चार रन बनाए।

भारतीय टीम पावर प्ले में 21 रन ही बना सकी और कभी लय हासिल करने की स्थिति में नहीं दिखी।

नाहिदा अख्तर ने (चार ओवर में बिना विकेट के 12 रन) मिताली और दीप्ति को काफी परेशान किया। वेदा कृष्णमूर्ति भी 10 गेंद में 11 रन बनाने के बाद पवेलियन लौट गई जिसके बाद हरमनप्रीत को सतर्कता के साथ खेलने के लिए बाध्य होना पड़ा।

बांग्लादेश की ओर से अनुभवी रुमाना अहमद ने 22 जबकि आफ स्पिनर खादिजा तुल कुबरा ने 23 रन देकर दो – दो विकेट चटकाए।

गेंदबाजी में पूनम और एकता बिष्ट (चार ओवर में बिना विकेट के 13 रन) ने भारत को वापसी दिलाने की कोशिश की लेकिन झूलन (दो ओवर में बिना विकेट के 20 रन) महंगी साबित होने के अलावा क्षेत्ररक्षण में धीमी भी थी।

मध्यक्रम की बल्लेबाजों निगार सुल्ताना (24 गेंद में 27 रन) और रुमाना (22 गेंद में 23 रन) ने बांग्लादेश को लक्ष्य के करीब पहुंचाया। रुमाना ने अपना एकमात्र चौका हरमनप्रीत के अंतिम ओवर में जड़कर दबाव कम किया। वह हालांकि पांचवीं गेंद पर रन आउट हो गई।

महिला आईपीएल शुरुआत करने की कोशिशों के बीच बांग्लादेश के खिलाफ ये दो हार आंखें खोलने वाली हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ किसी प्रारूप में कोई मैच नहीं गंवाया था।