किसान आंदोलन: इंदौर की थोक मंडी में घटे खरीदार, सब्जियों के दाम गिरे

इंदौर,  देश भर में आज से शुरू हुये 10 दिवसीय किसान आंदोलन के पहले दिन मध्यप्रदेश की वाणिज्यिक राजधानी इंदौर में फल-सब्जियों की आवक पर हालांकि, बेहद मामूली असर नजर आया। लेकिन सब्जियों के पर्याप्त खरीदारों के थोक मंडी नहीं पहुंचने पर इनके भाव घटकर आधे रह गये।

आंदोलन से जुड़े कृषक संगठनों ने किसानों से अपील की है कि वे 10 जून तक चलने वाले “ग्राम बंद” के दौरान गांवों से शहरों को फल-सब्जियों और दूध की आपूर्ति रोक दें।

स्थानीय देवी अहिल्याबाई होल्कर फल एवं सब्जी मंडी के एक अधिकारी ने “पीटीआई-भाषा” को बताया कि मंडी में फल-सब्जियों की आवक में आज 10 से 15 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी।

इस मंडी को थोक व्यापार के मामले में प्रदेश की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी माना जाता है। मंडी के सब्जी कारोबारी संघ के अध्यक्ष सुंदरदास माखीजा ने बताया, “मंडी में मध्यप्रदेश के साथ उत्तरप्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे पड़ोसी राज्यों से आज माल तो लगभग पर्याप्त मात्रा में आया। लेकिन किसान आंदोलन से जुड़ी आशंकाओं के कारण खासकर आस-पास के जिलों से सब्जियों के खरीदारों की तादाद घट गयी. इससे मंडी में अधिकांश सब्जियों के दामों में बड़ी गिरावट दर्ज की गयी.” उन्होंने कहा, ​”पिछले साल किसान आंदोलन के दौरान उग्र प्रदर्शनकारियों ने उन लोगों के वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया था जो इंदौर की फल-सब्जी मंडी से माल खरीदकर जा रहे थे।” माखीजा ने बताया कि देवी अहिल्याबाई होलकर फल-सब्जी मंडी में आज उस टमाटर के थोक भाव घटकर 10 से 15 रुपये ​प्रति किलोग्राम रह गये, जो परसों 30 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा था। इसी तरह, भिंडी, टिंडा, करेला, ग्वार फली और हरी मिर्च के थोक दाम भी परसों की तुलना में घटकर आधे रह गये।

किसान आंदोलन के मद्देनजर स्थानीय फल-सब्जी मंडी परिसर में पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये थे।

इस बीच, इंदौर दूध विक्रेता संघ के अध्यक्ष भारत मथुरावाला ने बताया कि शहर में आज दूध की आपूर्ति सामान्य रही और आस-पास के इलाकों से आम दिनों की तरह दूध आया।