ओशो से प्रभावित होते हैं मेरी फिल्मों के दृश्य : सुभाष घई

कांस ,  निर्माता – निर्देशक सुभाष घई ने आज कहा कि ओशो पर बनने जा रही बायोपिक के साथ तो उन्हें जुड़ाना ही था।

घई ने मंगलवार को घोषणा की थी कि उनका बैनर मुक्ता आर्टस रोम के नवाला प्रोडक्शन्स के साथ मिलकर विवादित भारतीय गुरू ओशो पर बायोपिक का निर्माण करेगा।

घई ने 71 वें कांस फिल्म समारोह में भारतीय पैवेलियन में पीटीआई – भाषा को दिए विशेष साक्षात्कार में कहा , ‘‘ ओशो के लेखन को मैं बीते 30 वर्ष से पढ़ता आ रहा हूं। ’’

उन्होंने कहा , ‘‘ वह सार्थक बात करते हैं , सच के पीछे छिपे सच की बात करते हैं , मानवीय मूल्यों , परंपराओं , नियमों और ईश्वर तथा इंसान के बीच संबंध की बात करते हैं। ’’

घई के मुताबिक ओशो उन सभी सामाजिक , राजनीतिक और व्यक्तिगत प्रश्नों के जवाब देते हैं जो वर्षों से मुझे परेशान करते आए हैं। उनके माध्यम से जो विचार मुझे मिलते हैं उससे मुझे अपनी फिल्मों के दृश्य लिखने में मदद मिलती है।

उन्होंने 1999 में आई अपनी फिल्म ‘‘ ताल ’’ का उदाहरण दिया जिसमें कहा गया था , ‘‘ प्रेम में गिरो नहीं , उठो ’’ ।