उज्जैन नगरी को आध्यात्मिक नगरी के नाम जानेः संत उमाकान्त जी महाराज

उज्जैन। उज्जैन में बाबा जयगुरूदेव जी महाराज का अनोखा वार्षिक भण्डारा 11,12 व 13 मई को और सतसंग प्रातः 5 बजे एवं सायं 6 बजे बाबा जयगुरूदेव आश्रम उज्जैन में होने जा रहा है।

सन्त उमाकान्त जी महाराज ने पत्रकार वार्ता में बताया कि में देश-विदेश जाता रहता हूं मैंने वहा देखा कि  अंदर में बीमारियां बहुत है। शारीरिक, मानसिक, आर्थिक, कष्ट से बहुत दुखी है। घर-घर में लड़ाई-झगड़ा झंझट, ईष्या-द्वेष का माहौल है। करोड़ों रूपया महीने कमाने वाले लोग भी चिल्ला रहे है। बरकत, बचवत नहीं दिखाई पड़ रही है। लोगों का चाल-चलन, खान-पान, रहन-सहन बिगड़ गया है। सतसंग से दूर हो गए। शरीर के सुख के लिए ही संसार का धन इकट्टा करने में जुट गए। सब शरीर के लिये कर रहे आत्मा के लिये नहीं कर रहे। उमाकान्त जी महाराज ने कहा कि उज्जैन को आध्यात्मिक  नगरी के नाम लोग जाने पहचाने । उमाकान्त जी महाराज ने कहा कि भारत धर्म-परायण देश है, यहाॅ धर्म का बड़ा महत्व है, इसलिए धर्म पर राजनीति नहीं होनी चाहिए बल्कि राजनीति में धर्म लाना चाहिए। अच्छा तो यह होगा कि देश के सभी राजनीतिक पार्टियां समाप्त करे।इनमें से अच्छ लोगों को निकालकर कुछ को पक्ष में, कुछ को विपक्ष में बैठाकर देश चलया जाय तो अच्छा चलेगा। बनाने वाले ने भारत का संविधान बहुत अच्छा बनाया परंतु उस समय और अब की परिस्थिति में बहुत अतंर हो गया। संशोधन करके व्यवस्था बना दिया जाय तो रोटी, रोजी, न्याय और सुरक्षा की समस्या हल हो जायेगी और जाति-पाॅति भाई- भतीजावाद, एरियावाद, भाषावाद भी खत्म हो जायेा।