उज्जैन के युवा और बच्चे सीख सकेंगे ‘घुड़सवारी’

उज्जैन। उज्जैन में पहली बार हाॅस राइडिंग स्कूल खुलना इस बात का साफ संकेत देते हे कि इंसान घोड़ों के साथ अपने संबंध फिर विकसित कर रहा है। हालांकि इंसान और घोड़े के नए संबंधों में घोड़े का स्थान आवागमन के रूप में कही नहीं है। घोड़ा और उसकी सवारी केवल खेल और मनोरंजन के लिए है। इंसान और घोड़े के संबंधों पर चर्चिल की यह टिप्पणी एकदम सटीक है घोड़े के शरीर में ऐसा कुछ है जो इंसान की आत्मा को आकर्षित करता है। आज घोड़ों के प्रति मनुष्य के रूझान में नया उभार चर्चिल के शब्दों की सच्चाई को उजागार करता है। चर्चिल के इस कथन से आधी सदी बाद घुड़सवारी का शौक केवल भारत में ही नहीं, बल्कि दुनियाभर के देशों में जागा है।

आज  उज्जैन राईडिंग क्लब की और से यूक्रेन से आई इंटरनेशनल कोच मरीना और उनके साथी भी युवा एवं बच्चों को हाॅस राइडिंग सिखायेगे। साथ नेशनल प्लेयर कोच शेख मो. उबेद भी साथ में होगे। पत्रकार वार्ता में शेख मो. उबेद ने बताया कि कमल सागर पैलस इंदौर रोड़ पर पुरूष-महिला पहली बार एक साथ हाॅस राइडिंग सीखेगे और इसकी फीस 3500  रखी गई है। ़