योगी ने गांव में लगायी रात्रि चौपाल, दलित के घर किया भोजन

लखनऊ,  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘ग्राम स्वराज अभियान’ के तहत जनपद प्रतापगढ़ के ग्राम कंधई मधुपुर में आयोजित ‘रात्रि चैपाल’ कार्यक्रम में कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति को मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी ने कल रात आयोजित चौपाल में जनता की समस्यायें सुनीं और देर रात दलित दयाराम सरोज के घर खाना खाया। इस अवसर पर उनके साथ क्षेत्रीय लोग भी थे।

उन्होंने गांव में रात में लगाई गयी चौपाल में कहा कि राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धान्त पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत बीपीएल परिवारों को निःशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध कराये हैं। किसानों के विकास के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। विकास की योजनाओं का लाभ हर गरीब तक पहुंचेगा।

प्रदेश के किसी गांव में पहली बार लगायी गयी मुख्यमंत्री की रात्रि चैपाल में बड़ी संख्या में लोग सम्मिलित हुए। गांव वालों ने अपनी-अपनी समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने ग्रामवासियों को अपने करीब बैठाया और अधिकारियों के समक्ष एक-एक ग्रामवासी से उसकी समस्याओं के बारे में पूछा। उन्होंने सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं के बारे में बात की और उनकी जमीनी हकीकत से रूबरू हुए।

मुख्यमंत्री ने जनता की समस्याओं को ध्यान से सुना और अधिकारियों को समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अधिकारीगण अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन जनहित में करें। सरकारी योजनाओं का लाभ जनता तक शीघ्रता से पहुंचाएं। इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

योगी ने उज्ज्वला योजना, जनधन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, पाइप पेयजल योजना आदि के सम्बन्ध में जनता से जानकारी प्राप्त की। इनके सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत पाये जाने पर उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को समस्याओं का निस्तारण शीघ्र किये जाने के निर्देश दिये।

उन्होंने कहा कि कैम्प लगाकर शीघ्रता से पात्रता के आधार पर लोगों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने की कार्यवाही की जाए। साथ ही, उज्ज्वला योजना के अन्तर्गत एक हफ्ते के भीतर लोगों को गैस के कनेक्शन उपलब्ध कराने की कार्यवाही करते हुए उन्हें कागजात उपलब्ध कराये जाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इस वर्ष के चयनित 136 लाभार्थियों के नाम डीपीआरओ को जनता के सामने पढ़कर सुनाने के निर्देश दिये।