पर्यटन को अधिक महत्त्व देने से प्रभावित हो रहे बाघ अभ्यारण्य : केंद्र सरकार

नयी दिल्ली ,  राजस्थान में बाघों के गायब हो जाने के मामलों का हवाला देते हुए केंद्र सरकार ने आज आरोप लगाया कि राज्य में पर्यावरणीय मूल तत्वों की तुलना में पर्यटन को अधिक महत्व देने के चलते बाघ खत्म हो रहे हैं या वहां से प्रस्थान कर रहे हैं।

सरकार ने कहा कि वरिष्ठ वनकर्मियों की क्षमता निर्माण कार्यक्रम के बावजूद उम्मीद के अनुसार निरीक्षण नहीं किया गया और समय – समय पर बाघों के लापता होने की खबरें मिलती रहीं।

केंद्रीय पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री हर्षवर्धन ने राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को हाल में लिखे एक पत्र में कहा , “ अत्याधिक निरीक्षण के बावजूद आज भी एसटी -5 बाघ के लापता होने और एसटी -11 के मृत पाए जाने की खबर मिली है। ”

पत्र में आरोप लगाया कि पारीस्थितिकी के मूल तत्वों की तुलना में पर्यटन को ज्यादा तरजीह देने के कारण बाघों के व्यवहार में परिवर्तन आता है और वह वहां से प्रस्थान कर जाते हैं।

आरटीआई के जवाब में वन्यजीवों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ता अजय दूबे को इस पत्र की एक प्रति प्राप्त हुई जिसमें उक्त बातें कही गई हैं।