सुरक्षित सफर पर सामान्य रेलों और बुलेट ट्रेन की समयपूर्व तुलना गलत : रेल राज्य मंत्री

इंदौर, रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने सुरक्षित परिचालन के मामले में सामान्य रेलों और प्रस्तावित बुलेट ट्रेन के बीच समयपूर्व तुलना को आज अनुचित करार दिया। इसके साथ ही, उन्होंने मीडिया को नसीहत भी दे डाली कि वह इस सिलसिले में किसी को “गुमराह” न करे।

सिन्हा के दौरे के वक्त स्थानीय रेलवे स्टेशन पर मीडिया ने उनसे पूछा कि एक तरफ सरकार बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर बड़ी-बड़ी बातें कर रही है, जबकि दूसरी ओर सामान्य रेलों के पटरी से उतरने की दुर्घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।

उन्होंने इस सवाल पर कहा, “(प्रस्तावित) बुलेट ट्रेन दूसरी चीज है और सामान्य रेलों का परिचालन दूसरी चीज है। भारत को तेज गति की ट्रेन की आवश्यकता है और देश इस काम में पीछे नहीं रहेगा।” रेल राज्य मंत्री ने इस विषय में मीडिया को नसीहत देते हुए कहा, “देखिये, ऐसा है कि किसी को गुमराह करने की आवश्यकता नहीं है। मुझे लगता है कि यह काम आप लोगों (मीडिया) को बंद करना चाहिये।” सिन्हा का जवाब पूरा होता, इससे पहले ही मीडिया की ओर से कोई दूसरा सवाल दाग दिया गया। इसके तुरंत बाद रेल राज्य मंत्री ने बातचीत खत्म कर दी।

सिन्हा ने मीडिया के कैमरों के सामने हाथ जोड़कर अभिवादन किया और विशेष ट्रेन से भोपाल के लिये सवार हो गये। उन्होंने इस ट्रेन की खिड़की से इंदौर और भोपाल के बीच रेलवे ट्रैक का औचक निरीक्षण किया।

बुलेट ट्रेन परियोजना मुंबई और अहमदाबाद के बीच 508 किलोमीटर की दूरी में प्रस्तावित है। करीब 1,10,000 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना के वर्ष 2023 में पूरी तरह शुरू होने की उम्मीद है।