आर्थिक आंकड़ों, कंपनियों के बेहतर परिणामों की उम्मीद से शेयर बाजारों में तेजी जारी

मुंबई , औद्योगिक वृद्धि और मुद्रास्फीति के बेहतर आंकड़ों तथा कंपनियों के तिमाही परिणामों के आने से पहले उम्मीद भरे माहौल में स्थानीय शेयर बाजारों में तेजी का सिलसिला आज भी बना रहा तथा सेंसेक्स करीब 92 अंक सुधर कर छह सप्ताह के नये उच्च स्तर 34,192.65 अंक पर पहुंच गया।

यह कारोबार में लगातर सातवां दिन है जबकि सेंसेक्स में बढ़त दर्ज की गयी। यह पिछले साल 24 नवंबर के बाद तेजी का सबसे लम्बा सिलसिला है।

बंबई शेयर बाजार ( बीएसई ) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 91.52 अंक और चढ़ कर 34,192.65 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 34,313.14 से 34,103.53 अंक के दायरे में रहा।

यह 27 फरवरी के बाद सेंसेक्स का का उच्चतम स्तर है। तब यह 34,346.39 अंक पर बंद हुआ था।

पिछले सात सत्रों में यह 1,173.58 अंक मजबूत हो चुका है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ( एनएसई ) का निफ्टी भी 21.95 अंक यानी 0.21 प्रतिशत मजबूत होकर 10,480.60 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह एक समय 10,519.90 अंक के उच्चतम स्तर और 10,451.45 अंक के निचले स्तर पर भी रहा।

दोनों प्रमुख शेयर सूचकांक लगातार तीसरे सप्ताह कुल मिला कर बढ़त में बंद हुए है।

इसी सप्ताह सेंसेक्स में कुल मिला कर 565.68 अंक यानी 1.68 प्रतिशत तथा निफ्टी 149 अंक यानी 1.44 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गयी।

ब्रोकरों ने कहा कि कल कारोबर समाप्त होने के बाद घोषित औद्योगिक वृद्धि और मुद्रास्फीति के आंकड़ों के उम्मीद से बेहतर होने , इंफोसिस के परिणाम की घोषणा से पहले उम्मीद के माहौल तथा एशियाई बाजारों की मजबूती से निवेशकों की धारणा सकारात्मक बनी रही।

विनिर्माण क्षेत्र के शानदार प्रदर्शन तथा पूंजीगत वस्तुओं एवं टिकाउ उपभोक्ता उत्पाद की बढ़ी मांग के कारण फरवरी में औद्योगिक वृद्धि 7.1 प्रतिशत रही। मार्च में खुदरा महंगाई पांच महीने के निचले स्तर 4.28 प्रतिशत पर आ गयी है।

एपिक रिसर्च के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुस्तफा नदीम ने कहा , ‘‘ सकारात्मक वैश्विक संकेतों तथा निवेशकों के बीच व्यापार युद्ध के जोखिमों के कम होने से एक और सप्ताह बढ़त में रहा। निजी बैंकों और धातु समूह के शेयरों के साथ आईटी क्षेत्र प्रदर्शन करने में अग्रणी रहे। वाहन क्षेत्र में थोड़ी सुस्ती रही सार्वजनिक बैंक दो सप्ताह की लगातार बढ़त के बाद नरम हो गये और इनमें बिकवाली का दबाव दिखा। ’’

प्राथमिक आंकड़ों के अनुसार , इस बीच कल विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ( एफपीआई ) ने 368.90 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इस दौरान 615.81 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

सेंसेक्स की कंपनियों में अडाणी पोर्ट्स 2.66 प्रतिशत की तेजी के साथ सबसे अधिक फायदे में रही। इसके बाद विप्रो के शेयर 2.28 प्रतिशत चढ़े। परिणाम जारी होने से पहले इंफोसिस में भी 0.58 प्रतिशत की तेजी रही।

इनके अलावा कोटक बैंक 1.69 प्रतिशत , कोल इंडिया 1.44 प्रतिशत , डॉ रेड्डीज 1.37 प्रतिशत , बजाज ऑटो 1.12 प्रतिशत , एनटीपीसी 1.03 प्रतिशत , इंडसइंड बैंक 0.70 प्रतिशत , पावर ग्रिड – ओएनजीसी – आईसीआईसीआई 0.61-0.61 प्रतिशत , एलएंडटी 0.48 प्रतिशत , टीसीएस 0.44 प्रतिशत , एचडीएफसी लिमिटेड 0.42 प्रतिशत और एचडीएफसी बैंक 0.09 प्रतिशत तेजी में रहीं।

रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा इंडियाविजुअल लर्निंग प्राइवेट लिमिटेड की 73 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने और अगले तीन साल में 18 करोड़ डॉलर निवेश करने की घोषणा के बाद इसके शेयरों में 1.22 प्रतिशत का उछाल आया।

बीएसई के समूहों में धातु में सर्वाधित एक प्रतिशत की तेजी देखी गयी। इसके अलावा हेल्थकेयर में 0.56 प्रतिशत , आईटी में 0.50 प्रतिशत , रियल्टी में 0.44 प्रतिशत , पावर में 0.34 प्रतिशत , टेक में 0.32 प्रतिशत , इंफ्रास्ट्रक्चर में 0.21 प्रतिशत , कंज्युमर ड्यूरेबल्स में 0.14 प्रतिशत , बैंकेक्स में 0.11 प्रतिशत और ऑटो में 0.55 प्रतिशत की तेजी देखी गयी।

पूंजीगत वस्तुएं , एफएमसीजी , तेल एवं गैस तथा पीएसयू के शेयरों में गिरावट रही।

मिडकैप और स्मॉलकैप भी क्रमश : 0.46 प्रतिशत और 0.26 प्रतिशत मजबूत हुआ।

वैश्विक स्तर पर अधिकांश एशियाई बाजार हरे निशान में बंद हुए। यूरोपीय बाजार भी शुरुआती कारोबार में मजबूती में रहे। अमेरिका में वाल स्ट्रीट भी कल मजबूती में बंद हुआ।

जापान का निक्की 0.55 प्रतिशत और सिंगापुर 0.94 प्रतिशत मजबूती में रहे। चीन का शंघाई कंपोजिट 0.66 प्रतिशत और हांग कांग का हैंग सेंग 0.07 प्रतिशत नरम हो गये।

यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का फ्रैंकफर्ट डीएएक्स 0.47 प्रतिशत , फ्रांस का पेरिस सीएसी 0.22 प्रतिशत और ब्रिटेन का लंदन एफटीएसई 0.01 प्रतिशत मजबूती में रहे।