विपक्ष ने की मध्यप्रदेश में खुले बोरवेल और नलकूप 15 दिन में बंद करने की मांग

भोपाल, मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने आज मांग की है कि सरकार एक अभियान चलाकर अगले पंद्रह दिन में सभी खुले पड़े नलकूप और बोरवेल को स्थायी रूप से बंद करे, ताकि इनमें बच्चों के गिरने की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

सिंह ने विधानसभा में शून्यकाल में खुले बोरवेल में बच्चों की गिरने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देवास जिले की खातेगांव तहसील के ग्राम उमरिया में 4 वर्षीय बालक रोशन शनिवार को खुले बोरवेल में गिर गया था। इसके अलावा, इसी तरह के अन्य घटनाएं प्रदेश में पहले भी हुई हैं।

उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने सितंबर 2013 में खुले हुए बोरवेल एवं नलकूप में बच्चों की सुरक्षा के संबंध में दिशानिर्देश दिये थे और सभी राज्य सरकारों को भेजा था। लेकिन प्रदेश सरकार ने पालन नहीं किया।

सिंह ने कहा कि यही कारण है कि बच्चों का जीवन खतरे में है। पिछली घटनाओं से भी राज्य सरकार ने कोई सबक नहीं सीखा।

उन्होंने मांग की कि शासन इस तरह की घटनाओं पर स्थायी रूप से रोक लगाने के लिए 15 दिन में उच्चतम न्यायालय की गाइडलाइन के अनुसार अभियान चलाकर सभी खुले पड़े बोरवेल और नलकूप को बंद करे, ताकि इनमें बच्चों के गिरने की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और वे सुरक्षित रहें।

सिंह ने कहा कि साथ ही आगे भी दिशानिर्देश का पालन हो, यह भी सुनिश्चित करें।

गौरतलब है कि ग्राम उमरिया में 4 वर्षीय बालक रोशन खेलते-खेलते खुले बोरवेल में गिर गया था और 35 घंटों के बाद रविवार रात्रि को सेना के जवानों ने उसे रस्सी से खींच कर सुरक्षित बाहर निकाला था। वह करीब 30 फुट की गहराई में फंसा हुआ था, जबकि यह बोरवेल 150 फुट गहरा था।