अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन पर अमेरिका ने की भारत की प्रशंसा

वाशिंगटन,  अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) की शुरूआत और स्थापना में भारत के प्रयासों की लिए अमेरिका ने उसकी प्रशंसा की है।

आईएसए 121 ऐसे देशों के बीच संधि आधारित अंतर-सरकारी गठबंधन है जहां अच्छी धूप खिलती है। इसमें शामिल ज्यादातर देश उष्णकटिबंधीय प्रदेश में कर्क और मकर रेखा के बीच स्थित हैं। इन देशों द्वारा सौर ऊर्जा को अपनाए जाने से जीवाश्म ईंधन का प्रयोग कम होने और जलवायु परिवर्तन से प्रभावी तरीके से लड़ने में मदद मिलेगी।

नयी दिल्ली में भारत और फ्रांस द्वारा पिछले रविवार को औपचारिक रूप से संस्थापित आईएसए के समझौते पर 60 देशों ने हस्ताक्षर किया है।

आईएसए के संस्थापन समारोह में 23 देशों के प्रमुखों ने भाग लिया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पीटीआई से कहा, ‘‘हम आईएसए के संस्थापन समारोह पर उसे बधाई देते हैं। हम इस संगठन की शुरूआत और स्थापना के प्रयासों तथा इसके संस्थापक सदस्यों को इस सप्ताहांत पर साथ लाने के लिए भारत सरकार को बधाई देते हैं।’’

सम्मेलन के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने विकासशील देशों को सौर ऊर्जा परियोजनाएं लगाने के लिए 86.2 करोड़ डॉलर के अतिरिक्त राशि की घोषणा की।

प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका आईएसए के लक्ष्यों की प्रशंसा करता है और भविष्य में उनके साथ काम करने को इच्छुक है।