कोयला घोटला : आरोपियें को दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने पर अदालत ने सीबीआई की खिंचाई की

नयी दिल्ली, कोयलाखदान आबंटन घोटाला मामले में आरोपियों को दस्तावेज उपलब्ध नहीं करानेपर एक विशेष अदालत ने आज सीबीआई को फटकार लगाई।

अदालत ने अपने पिछले आदेश में सीबीआई को आरोपियों को दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।

इस मामले में उद्योगपति नवीन जिंदल का नाम भी शामिल है।

विशेष न्यायाधीश भरत पराशर ने दस्तावेजों कीजांच पड़ता छंटनी के लिएइस मामले का 10 अप्रैल तकके लिये स्थगित कर दिया।

यह मामला मध्य प्रदेश के उर्तन नॉर्थ कोयला ब्लॉक के आवंटन से जुड़ा हुआ है।

न्यायाधीश ने कहा, “ अदालत के आदेशों का अनुपालन करें। दस्तावेजों कीजांच के लिए10 अप्रैल तक मामला स्थगित किया जाता है।”

अदालत ने15 जनवरी को सीबीआई को निर्देश दिया था कि वह उद्योगपति नवीन जिंदल और अन्य को आरोप- पत्र समेत कुछ अन्य दाखिल किए दस्तावेज मुहैया कराए।

अदालत मध्य प्रदेश के उर्तन नॉर्थ कोयला ब्लॉक आवंटन से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही थी जहां आरोपियों के खिलाफ“ प्रथम दृ्ष्टया” “ धोखाधड़ी” और“ आपराधिक षड्यंत्र” के आरोप लगे हैं।

नवीन जिंदल के अलावा इस मामले में बनाए गए अन्य आरोपियों में जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड( जेएसपीएल) के पूर्व निदेशक सुशील मारू, पूर्व उपमहाप्रबंधक आनंद गोयल और सीईओ विक्रांत गुजराल शामिल हैं।

झारखंड के अमरकोंडा मुरुगदंगल कोयला ब्लॉक के आंवटन में गड़बड़ियों के दूसरे मामले में भी जिंदल को आरोपी बनाया गया है। इसी मामले में कोयला राज्यमंत्री दसारी नारायण राव और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा का नाम शामिल है।