अपने तटीय शहरों को पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित कर रहा केरल

कोलकाता,  केरल आने वाले लोग या तो समुद्री तटों का रुख करते हैं या फिर हिल स्टेशन जाते हैंऔर उन्हें तटीय शहरों की समृद्ध विरासत की अधिक जानकारी नहीं होती। दक्षिणी राज्य के एक सरकारी अधिकारी ने यह कहा।

केरल पर्यटन विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक जफर मलिक ने बताया कि मालाबार क्षेत्र के ऐतिहासिक स्थलों का विकास कर उन्हें पर्यटन का केंद्र बनाया जाएगा।

अधिकारी ने बताया कि किसी समय रोम और यूनान तथा विश्व के अन्य क्षेत्रों से आने वाले कारोबारियों के लिए मुजिरिस बंदरगाह, कोदुनगल्लूर, पत्तनम और पारावुर शहर व्यापार का केंद्र हुआ करते थे।

उन्होंने कहा, ‘‘ उत्तर केरल के ऐतिहासिक शहरों और बंदरगाह के अवशेषों की खुदाई की गई और मरम्मत कर बहुत हद तक पर्यटन स्थल के रूप में तैयार किया गया।’’

अधिकारी ने बताया कि केरल पांच वर्षों में घरेलू पर्यटकों की संख्या में 50 फीसदी इजाफा करना चाहता है। वर्ष 2016 में यह आंकड़ा 1.31 करोड़ था जिसे बढ़ाकर 2.5 करोड़ करने का लक्ष्य है। केरल में विदेशी पर्यटकों की संख्या वर्ष 2016 में करीब 10 लाख थी और पर्यटन विभाग 2022 तक इसे 100 फीसदी बढ़ाना चाहता है।