विश्वप्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो में हवाई यात्रियों की तादाद 9.5 प्रतिशत घटी

इंदौर,  अपने प्राचीन मंदिरों के लिये दुनिया भर में मशहूर खजुराहो के हवाई अड्डे पर मौजूदा वित्तीय वर्ष के शुरूआती 10 महीनों के दौरान मुसाफिरों की तादाद 9.5 प्रतिशत घट गयी है।

जानकारों ने इसके पीछे विदेशी सैलानियों की तादाद में गिरावट को प्रमुख कारण बताया है।

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) की ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि अप्रैल 2017 से जनवरी 2018 के बीच मध्यप्रदेश स्थित खजुराहो के सिविल एयरोड्रम के जरिये 40,400 लोगों ने सफर किया। वित्तीय वर्ष 2016-17 में अप्रैल से जनवरी के बीच इस हवाई अड्डे से यात्रा करने वाले लोगों की तादाद 44,664 थी।

ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ इकाई के सचिव हेमेंद्र सिंह जादौन ने आज “पीटीआई-भाषा” से कहा, “खजुराहो हवाई अड्डे के जरिये यात्रा करने वाले लोगों में सबसे बड़ी तादाद विदेशी सैलानियों की होती है। अगर इस हवाई अड्डे पर यात्रियों की तादाद में कमी आयी है, तो इसका सीधा संकेत यही है कि इस पर्यटन स्थल में आलोच्य अवधि के दौरान विदेशी सैलानी भी घट गये हैं।” उन्होंने कहा कि खजुराहो में पर्यटकों की तादाद में इजाफे के लिये देशभर के प्रमुख शहरों से इस नगर का हवाई संपर्क बढ़ाये जाने की जरूरत है। एएआई की रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा वित्तीय वर्ष के शुरूआती 10 महीनों में प्रदेश के जबलपुर के डुमना हवाई अड्डे से 1.85 लाख लोगों ने सफर किया। पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में इस हवाई अड्डे से 1.35 लाख यात्री अलग-अलग उड़ानों में सवार हुए थे। यानी आलोच्य अवधि के दौरान जबलपुर में हवाई यात्रियों की तादाद में लगभग 37 फीसदी का बड़ा इजाफा दर्ज किया गया।

एएआई की रिपोर्ट के अनुसार यात्रियों की सर्वाधिक तादाद के मामले में इंदौर का देवी अहिल्या बाई होलकर हवाई अड्डा सूबे में सिरमौर बना हुआ है।

मौजूदा वित्तीय वर्ष के शुरूआती 10 महीनों में इंदौर के हवाई अड्डे से 18.52 लाख लोगों ने सफर किया जो पिछले साल की समान अवधि के 14.59 लाख यात्रियों के मुकाबले करीब 27 फीसदी ज्यादा है।

आलोच्य अवधि में भोपाल के राजा भोज हवाई अड्डे से सफर करने वाले यात्रियों में करीब तीन फीसदी का इजाफा हुआ और इनकी तादाद 5.92 लाख पहुंच गयी। पिछले वर्ष के समान अंतराल में सूबे की राजधानी के हवाई अड्डे से 5.75 लाख लोग अलग-अलग उड़ानों में सवार हुए थे।