मध्यप्रदेश का बजट जनकल्याण का बजट: चौहान

भोपाल,  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के बजट को ऐतिहासिक और जनता के कल्याण वाला बजट बताया।

वहीं, कांग्रेस ने कहा कि भाजपा सरकार के तीसरे कार्यकाल के इस अंतिम बजट से यह साफ हो गया है कि अब इस सरकार की विदाई तय है।

प्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत बजट पर मीडिया के साथ चर्चा करते हुए चौहान ने कहा, ‘‘मध्यप्रदेश का बजट ऐतिहासिक और जनता के कल्याण का बजट है।’’ उन्होंने कहा है, ‘‘यह बजट सभी वर्गों के कल्याण को ध्यान में रखते हुये, विशेषकर महिला सशक्तिकरण, रोजगार, किसान, गरीब, नौजवान और बच्चों का बजट है।’’ चौहान ने कहा कि पहली बार बजट दो लाख करोड़ रूपये से अधिक की राशि पार कर गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के बजट में अधोसंरचना विशेषकर सिंचाई और कृषि के लिये किये गये कार्य राज्य की समृद्धि के आधार हैं। कृषि एवं कृषि सम्बद्ध कार्यों के लिए 37,498 करोड़ रूपये और ऊर्जा के लिये 17,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे विकास की दर बढ़ती है। प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि होती है। अंतत: प्रदेश समृद्ध होता है।

चौहान ने कहा कि बाजार में दाम गिरने की स्थिति में किसानों को फसल सुरक्षा प्रदान करने के लिये मुख्यमंत्री भावांतर योजना के लिए 650 करोड़ का प्रावधान किया गया है। प्याज को भावांतर में शामिल किया है। बजट में गरीब कल्याण के संकल्प के अंतर्गत रोटी, कपड़ा, मकान, पढ़ाई, लिखाई दवाई के पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचल में शासकीय स्वास्थ सेवाओं के साथ निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिये लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण अंतर्गत नई योजना लागू की गई है। निजी क्षेत्र को स्वास्थ के क्षेत्र में निवेश पर ग्रामीण क्षेत्र में 40 और अनुसूचित जनजाति क्षेत्र में 50 प्रतिशत पूंजी सब्सिडी दी जायेगी। बजट में कर्मचारी कल्याण के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं।

इसी बीच, मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा, ‘‘भाजपा सरकार के तीसरे कार्यकाल के अंतिम बजट से यह साफ हो गया है कि अब इस सरकार की विदाई तय है।’’ सिंह ने कहा, ‘‘यह सरकार 14 साल बाद भी प्रदेश के नागरिकों को सुराज नहीं दे पाई है।’’