उप्र के विकास से ही भारत का पूर्ण विकास संभव: राष्ट्रपति कोविंद

लखनऊ, 22 फरवरी (भाषा) राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उत्तर प्रदेश को संभावनाओं का प्रदेश बताते हुये आज कहा कि प्रदेश के विकास से ही भारत का पूर्ण विकास संभव हो सकता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश निवेशक सम्मेलन के आयोजन को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश की धरती ने अब तक सबसे अधिक नौ प्रधानमंत्री देश को दिये हैं और मुझे यह कहते हुये बहुत गर्व हो रहा है कि मैं भी इसी प्रदेश के एक साधारण परिवार से हूं। उपजाऊ जमीन, प्राकृतिक संपदा, देश की सबसे बड़ी युवा शक्ति और विशेष भौगोलिक स्थिति के कारण उत्तर प्रदेश अपार संभावनाओं का प्रदेश है।’’ राष्ट्रपति कोविंद आज यहां दो दिवसीय उत्तर प्रदेश निवेशक सम्मेलन के दूसरे दिन समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश के 9 प्रधानमंत्री उत्तरप्रदेश से चुन करके संसद में गए। उत्तर प्रदेश के विकास से ही भारत के विकास को पूर्णता मिलेगी। यूपी इंवेस्टर्स समिट उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि हवाई परिवहन के लिए उत्तर प्रदेश ने एक महत्वाकांक्षी सिविल एविएशन प्रमोशन पॉलिसी लागू की है। वहीं, उत्तर प्रदेश में उपजाऊ जमीन, प्राकृतिक संपदा, देश की सबसे बड़ी युवा शक्ति और विशेष भौगोलिक स्थिति के कारण उत्तर प्रदेश अपार संभावनाओं का प्रदेश है। ‘ निवेशक सम्मेलन का आयोजन उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा में किया गया एक सफल प्रयास बताते हुये कोविंद ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वित्त मंत्री अरुण जेटली को देश की अर्थव्यवस्था को एक नए आयाम पर पहुंचाने के लिए बधाई देता हूं। वहीं, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी टीम को ‘यूपी इन्वेस्टर्स समिट-2018′ के सफल आयोजन के लिए भी बधाई देता हूं।’ उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल में एफडीआई में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। जीएसटी, कैशलेश भुगतान ने देश में निवेश की संभवनाओं को बढ़ाया है। यह प्रदेश देश ही नहीं दुनिया में सबसे बड़े बाजार के रूप में जाना जाता है। उत्तर प्रदेश के विशेष प्रयासों की बदौलत देश और विदेश के निवेशक प्रदेश में निवेश के लिए आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रानिक्स मैन्यूफैक्चरिंग के लिए प्रदेश एक बड़ा बाजार बनकर उभर रहा है। उत्तर प्रदेश किसानों का राज्य है। फूड प्रोसेसिंग, डेयरी आदि में निवेश की असीम संभावनाएं हैं। मुझे खुशी है कि निवेशकों ने इस दिशा में रुचि दिखाई है।

कोविंद ने कहा कि यह राज्य राम और कृष्ण की कर्मस्थली रहा है। यहां पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं, जो भी पर्यटक या निवेशक यहां आये वह यहां की तहजीब और संस्कृति का कायल हो जायें। इसके लिये सरकार के साथ साथ यहां के लोगो को भी अपने मेहमानो के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिये।

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस अवसर पर कहा कि आज हम लखनऊ, नोएडा और गाजियाबाद आदि शहरो को देखते है तो वह काफी अच्छे लगते है। आने वाले पांच-छह वर्षों में उत्तर प्रदेश में कम से कम 15-20 शहरों का इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़िया किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले 11 महीने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साबित कर दिया की उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था अच्छे ढंग से स्थापित हो स​कती है।

जेटली ने कहा कि जब निवेशक निवेश करता है। निवेशक के पास यह विकल्प है कि निवेश के लिए किस स्थान को चुने। जहां आर्थिक गतिविधियां होतीं हैं वहां रोजगार होता है। उसी रोजगार से शासन के पास ज्यादा पैसा आता है। इसी पैसे से इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाता है।

उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों में निवेशक सम्मेलन में जो चर्चा यहां हुई और पूरे देश में चर्चा हुई है। उससे यह बात समझ में आई है कि यूपी इंवेस्टर्स समिट के जरिए उत्तर प्रदेश के एजेंडा को बदलने का यह एक बहुत बड़ा प्रयास किया गया है।

समिट के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल राम नाइक ने भी संबोधित किया ।