जम्मू कश्मीर के बच्चे लोगों में ‘अमन परस्ती का पैगाम’ फैलायेंगे : राष्ट्रपति

नयी दिल्ली,  राष्ट्रपित रामनाथ कोविंद ने क्रिकेटर परवेज रसूल, शुभम खजूरिया, आईएएस शाह फैसल, आईएएस बनने वाली आयुषी सूदन,चित्रकार राहुल डोगरा, अभिनेत्री ज़ायरा वसीम, वर्ल्ड किक-बॉक्सिंग चैंपियनशिप तजामुल इस्लाम को जम्मू कश्मीर और सम्पूर्ण देश के बच्चों के लिये प्रेरणा का स्रोत बताया और कहा कि प्रदेश के बच्चे अपने साथियों और अपने आस-पास के लोगों में ‘‘अमन-परस्ती का पैगाम’’ फ़ैलाएंगे।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने ‘वतन को जानो’ कार्यक्रम में भाग लेने वाले युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ मुझे आप लोगों से मिलकर बहुत खुशी हो रही है। मुझे बताया गया है कि आप लोगों को आपके जिलों से चुनकर भेजा गया है। आप जैसे होनहार बच्चे ही आने वाले कल के भारत की तस्वीर बनाएंगे।’’

राष्ट्रपति भवन की विज्ञप्ति के अनुसार, कोविंद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के बच्चों की कामयाबी की फेहरिस्त गिनाते जायें तो सिलसिला चलता ही रहेगा। पूरे वतन को जम्मू-कश्मीर के होनहार बच्चों पर नाज़ है । सभी बच्चों में बेहतरीन प्रतिभाएं हैं और सभी कामयाबी की बुलंदियां हासिल कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे पूरी उम्मीद है कि आप सब भी कामयाबी की नई मिसालें कायम करेंगे। साथ ही आप अमन-परस्ती का पैगाम अपने साथियों और अपने आस-पास के लोगों में फ़ैलाएंगे। मैं आप सब की कामयाबी और खुशी के लिए दुआ देता हूं। ’’ राष्ट्रपति ने कहा कि वतन को बनाने के लिए वतन को ठीक से जानना भी जरूरी होता है। इसके लिए घर से बाहर निकलकर नई जगहों और नए लोगों के बारे में जानना होता है।

कोविंद ने कहा कि उन्हें यह भी बताया गया है कि आप लोगों ने आगरा, जयपुर, अजमेर और दिल्ली में बहुत सी जगहें देखी हैं। आप लोगों ने इन शहरों के लोगों को देखा, उनके खाने-पहनने के तौर-तरीके देखे। आप सबको ऐसा जरूर लगा होगा कि वे लोग थोड़े अलग से लगते हुए भी आप जैसे ही हैं। वे आप सबके हम-वतन हैं और आप सबसे मोहब्बत करते हैं।

उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बहुत से बच्चों को परवेज़ रसूल के बारे में मालूम होगा। परवेज़ भारत की क्रिकेट टीम में खेला करते हैं। शुभम खजूरिया ने भी युवा क्रिकेट खिलाड़ियों में अपनी पहचान बनाई है। आप में से कुछ बच्चों ने शाह फैसल का नाम भी सुना होगा जो सन 2009 में भारत के सबसे बड़े इम्तिहान में अव्वल आए और आईएएस अफसर बने। सन 2015 के आईएएस के इम्तिहान में अतहर आमिर खान दूसरे स्थान पर आए।

कोविंद ने कहा कि लड़कियों में आईएएस बनने वाली आयुषी सूदन का नाम भी उल्लेखनीय है। लगभग बीस वर्ष की आयु में ही राहुल डोगरा ने अपनी अद्भुत चित्रकला से लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।

राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले नवंबर में देश के कुछ कामयाब बच्चों को, इसी राष्ट्रपति भवन में ‘नेशनल चाइल्ड अवॉर्ड’ दिए गए। उन बच्चों में ज़ायरा वसीम भी थी। उस बच्ची से मिलकर भी उन्हें वैसी ही खुशी हुई थी जैसी आज आप लोगों से मिलकर हो रही है । ऐसा लगता है कि सात-आठ साल की उम्र में ही ‘वर्ल्ड किक-बॉक्सिंग चैंपियनशिप’ में गोल्ड मेडल जीतकर तजामुल इस्लाम आप सबकी फेवरिट बन गई होगी।

उन्होंने कहा कि उन्होंने अखबारों में देखा कि पिछले साल जम्मू-कश्मीर के तीस-बत्तीस बच्चे आईआईटी और एनआईटी में दाखिले के लिए कड़ा इम्तिहान पास करके कामयाब हुए।

राष्ट्रपति ने सभी बच्चों को हमेशा खुश और कामयाब रहने की शुभकामनाएं दी ।