बच्चों से उनकी हंसी और बचपन छीन लेता है यौन उत्पीड़न : अदालत

नयी दिल्ली, दिल्ली की एक अदालत ने चार साल के बच्चे का यौन उत्पीड़न करने वाले व्यक्ति को 10 साल की सजा सुनाते हुए कहा कि बच्चे के दिलोदिमाग से यौन उत्पीड़न का घाव नहीं भरता है और यह उसके मन से हर अच्छी याद को खत्म कर देता है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सीमा मैनी ने उत्तरी दिल्ली के निवासी मनोज को कठोर कारवास और 30,000 रुपये का जुर्माना लगाते हुए कहा, “ बच्चे का यौन उत्पीड़न उसकी पूरी शख्सियत पर गहरा घाव छोड़ता है। बेहतरीन चिकित्सीय सहायता के बाद भी ये घाव कभी नहीं भरते हैं। ये घाव किसी की खुशियों को नष्ट कर देते हैं। यह बच्चे की हर मुस्कान और अच्छी याद को खत्म कर देता है।”

अदालत ने पीड़ित को जुर्माने की 20,000 रुपये की राशि दिए जाने के साथ ही तीन लाख रुपये का अलग मुआवजा देना भी स्वीकार किया।