भारत अधिशेष बिजली के लिये विदेशी बाजारों में संभावना तलाशेगा: आर के सिंह

नयी दिल्ली, बिजली मंत्री आर के सिंह ने आज कहा कि भारत अपनी अतिरिक्त बिजली के लिये श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश जैसे विदेशी बाजारों में संभावना तलाशेगा।

देश में बिजलीघरों की स्थापित क्षमता की तुलना में उत्पादन (पीएलएफ) करीब 60 प्रतिशत है। ऐसे में उनकी टिप्पणी महत्वपूर्ण है।

सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनी एनटीपीसी द्वारा आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, ‘‘हम अपने बिजलीघरों को 80 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) पर चला सकते हैं लेकिन कोयले की आपूर्ति को लेकर दिक्कतें हैं। जब देश में जमीन के अंदर पर्याप्त कोयला भंडार है, ऐसे में कोयाला आयात करने का कोई मतलब नहीं है। हमें कोयले के परिवहन के लिये और रेलवे लाइन के विनिर्माण की जरूरत है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश जैसे बाजारों में संभावना तलाशने की जरूरत है। वहां मांग है। हमें वहां पहुंचने की जरूरत है। उनके पास बिजली की कमी है।’’ सिंह का मानना है कि न केवल विदेशी बाजारों में संभावना तलाशकर मांग बढ़ाने की जरूरत है बल्कि देश में भी विद्युत की मांग बढ़ाने की आवश्यकता है।

उन्होंने एनटीपीसी से देश में बिजली की अधिशेष स्थापित क्षमता को देखते हुए अन्य देशों में निवेश की सभावना तलाशने को कहा।

बिजली मंत्री ने यह भी कहा कि पिछले साल ऊंचाहार बिजलीघर हादसे की जांच को लेकर मंत्रालय द्वारा गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। इस पर जल्दी ही समीक्षा की जाएगी।

सिंह ने कहा कि वह इसमें कोई तोड़-फोड़ की कार्रवाई नहीं मानते।

उन्होंने कहा कि एक घटना से एनटीपीसी की छवि नहीं बदलेगी क्योंकि कंपनी सुरक्षा और कार्यकुशलता के लिये जानी जाती है।

मंत्री ने यह भी कहा कि अकेले सस्ता अक्षय ऊर्जा बिजली की पूरी मांग को पूरा नहीं कर सकती। पिछले साल पवन और सौर ऊर्जा की दरों में गिरावट के मद्देनजर परंपरागत स्रोतों से बिजली उत्पादक कंपनियों की आशंकाओं के बीच उन्होंने यह बात कही।

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