ओमान यात्रा से दोनों देशों के संबंधों को गति मिलेगी: मोदी

मस्कट,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि ओमान की उनकी यात्रा तथा पेट्रोलियम संसाधन से भरपूर खाड़ी देशों के शीर्ष नेताओं के साथ बातचीत से सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों में ‘उल्लेखनीय गति’ आयेगी।

ओमान की दो दिन की यात्रा संपन्न करने से पहले मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘ओमान की यात्रा उन यात्राओं में से है, जिसे मैं लंबे समय तक याद रखूंगा।’’ उनकी इस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने समेत आठ समझौतों पर हस्ताक्षर किये।

मोदी ने कहा, ‘‘इस यात्रा से हमारे उद्यमी लोगों के बीच सदियों पुराने संबंधों को और मजबूत बनाने में मदद मिली है। इससे व्यापार और निवेश संबंधों समेत सभी क्षेत्रों में हमारे संबंधों में उल्लेखनीय गति आएगी।’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘गर्मजोशी भरा स्वागत और मित्रता के लिये महामहिम सुल्तान कबूस (बिन साद अल साद) आपको धन्यवाद। आपने विस्तार से चीजों पर जो व्यक्तिगत रूप से ध्यान दिया, उससे ओमान की मेरी यात्रा विभिन्न देशों की यादगार यात्राओं में से एक बन गयी है।’’ मोदी ने शानदार समर्थन, सौहार्द और लगाव के लिये सुल्तान और ओमान की जनता को धन्यवाद दिया।

फलस्तीन, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान की तीन दिन की यात्रा के समापन के साथ उन्होंने कहा, ‘‘मैं काफी सम्मानित महसूस कर रहा हूं और ओमान के आपके नेतृत्व की 50वीं वर्षंगांठ को लेकर काफी उत्सुक हूं।’’ मोदी तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में दुबई से यहां पहुंचे और सुल्तान कबूस के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

ओमान की आधिकारिक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच मौजूदा सहयोग की कई पहलुओं और उसमें और मजबूती लाने के उपायों पर चर्चा की गयी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर कहा, “… प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओमान के सुल्तान कबूस के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। दोनों रणनीतिक साझेदारों के बीच व्यापार और निवेश, ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने के बारे में बातचीत हुयी।”

सुल्तान कबूस ने ओमान के विकास में भारतीयों की “कड़ी मेहनत और ईमानदार” योगदान की सराहना की।

वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने आठ समझौतों पर हस्ताक्षर किये। इसमें दीवानी और वाणिज्यिक मामलों में कानूनी तथा न्यायिक सहयोग पर एक एमओयू (सहमति पत्र) भी शामिल है।

दोनों देशों ने विदेश सेवा संस्थान, विदेश मामलों के मंत्रालय, भारत और ओमान राजनयिक संस्थान के बीच सहयोग को लेकर एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किये।

राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय, ओमान की सल्तनत और रक्षा अध्ययन तथा विश्लेषण संस्थान के बीच शैक्षिक और विद्वत्तापूर्ण सहयोग के लिये एक एमओयू हुआ। दोनों देशों ने सैन्य सहयोग के समझौते पर भी हस्ताक्षर किये।

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओमान की राजधानी में कबूस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों देशों के राजनीतिक माहौल में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत और ओमान के संबंध हमेशा मजबूत रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों के संबंधों को मजबूत करने में ओमान में रह रहे भारतीयों ने अहम भूमिका निभाई है।

Leave a Reply