अब मंडी में बाहरी व्यक्ति नहीं बेच सकेंगे चाय, होगी कार्यवाही |

उज्जैन | मंडी प्रांगण में 7 निर्मित केंटिन आवंटित है जिनके द्वारा बार बार आपत्ति ली जा रही थी कि मंडी में बाहरी व्यक्ति आकर चाय – नाश्ता बेचते हैं जिससे उनका व्यापार प्रभावित होता है एवं क्वालिटी भी अच्छी नहीं होती है ऐसी स्थिति में बाहरी व्यक्तियों द्वारा मंडी प्रांगण में चाय नाश्ता खाद्य सामग्री विक्रय पर प्रतिबन्ध लगाया जाकर कार्यवाही की जाना प्रस्तावित की गई |

 मंडी अध्यक्ष बहादुर सिंह बोरमुंडला की अध्यक्षता में हुई मंडी समिति की बैठक दिनांक 06/02/2018 में उपरोक्त निर्णय लिया गया साथ ही जिन्हें केंटिन आवंटित किये गए है तथा जिनके द्वारा पंजीयन राशि अथवा वार्षिक / मासिक किराया जमा नहीं कराया गया है उन पर कार्यवाही होगी | वर्ष 2018-19 हेतु वार्षिक अनुमानित बजट मंडी समिति द्वारा पारित किया गया जिसमे आय 29 करोड़ 93 लाख, व्यय 29 करोड़ 25 लाख एवं बचत 58 लाख किया जाना प्रस्तावित किया गया है साथ ही मंडी में गैर कृषि व्यवसाय (खाद, खली, पाइप, उपकरण इत्यादि) करने वाले व्यवसाई यदि अपनी दूकान के बाहर सामग्री रखकर आवागमन में बाधा उत्पन्न करते हैं जिससे आवागमन प्रभावित होता है उन पर भी कार्यवाही पंचनामा एवं जुर्माना प्रस्तावित किया गया है |

 मंडी प्रांगण में अवैध रूप से खड़े होने वाले ट्रक, पिकअप अथवा व्यवसायिक वाहन जोकि अनावश्यक रूप से खड़े रहते हैं पर भी चलानी कार्यवाही, जब्ती एवं हवा निकालने की कार्यवाही हेतु प्रस्ताव पारित किया गया | मंडी प्रांगण में ही कर्मचारियों के लिए आवास बनाए जाना, किसान भवन की मरम्मत करते हुए नवीन रूप में किसानों की सुविधा हेतु परिवर्तित करना हेतु प्रस्ताव पारित किये गए |

 मंडी समिति की बैठक में उपाध्यक्ष शेरू पटेल, सचालक गण रघुनन्दन पाटीदार, दशरथ बाडोलिया, करण कुमारिया, आनंदीलाल जैन, मुकेश हरभजनका, कन्हैयालाल मीणा, श्री मति चन्द्रकला शोभाराम मालवीय, श्री मति रामकुंवर भंवर सिंह राठौर, श्री मति पेपकुन्वर जुझार सिंह हिरावत, सिद्धनाथ चौहान उपस्थित थे | बैठक की कार्यवाही का संचालन मंडी सचिव राजेश गोयल द्वारा किया गया |

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