फिट बच्चों के युवावस्था में भी स्वस्थ होते हैं फेफड़े

मेलबर्न,  बचपन और किशोरावस्था में स्वस्थ रहने वाले बच्चों के फेफड़े वयस्क होने पर भी स्वस्थ रहते हैं।

ऐसा माना जाता है कि किशोरावस्था के शुरुआती दौर में जिन लोगों के फेफड़े सही तरीके से काम करते हैं उनमें बाद में लंबे समय तक चलने वाली फेफड़ों की बीमारी होने का खतरा कम होता है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पलमनरी बीमारी (सीओपीडी) जैसी दीर्घकालिक फेफड़े की बीमारी अस्वस्थ होने के वैश्विक कारणों में सबसे प्रमुख है।

यूरोपियन रेस्पिरेटरी पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन में इस बात के भी सबूत हैं कि बच्चों को स्वस्थ रखना भविष्य में उन्हें फेफड़े की बीमारी से बचाने में मददगार हो सकता है। इसमें कुल 2,406 बच्चों का अध्ययन किया गया।

न्यूजीलैंड में यूनिवर्सिटी ऑफ ओटैगो के बॉब हैनकॉक्स ने कहा, ‘‘हम शारीरिक गतिविधि, फिटनेस और फेफड़ों की वृद्धि के बीच संबंधों के बारे में बहुत कम जानते हैं। यह शोध का बेहद कठिन विषय है क्योंकि बच्चों के स्वास्थ्य पर कई वर्षों तक नजर रखना बहुत ही महंगी और वक्त लेने वाली प्रक्रिया है।’’

हैनकॉक्स ने कहा, ‘‘यह अध्ययन दिखाता है कि जो बच्चे शारीरिक रूप से स्वस्थ होते हैं उनके फेफड़े युवावस्था में भी अच्छे रहते हैं। हमारा मानना है कि इससे उनमें उम्र ढलने पर भी दीर्घकालीन फेफड़े की बीमारी होने का खतरा कम हो सकता है।’’