ईडी छापे हास्यास्पद, अधिकारियों को कुछ नहीं मालूम : चिदंबरम

नयी दिल्ली, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने उनके पुत्र के खिलाफ ईडी के छापों को आज हास्यास्पद बताया और दावा किया कि अधिकारी ‘‘शर्मसार’’ एवं खेद की मुद्रा में थे क्योंकि उन्हें कुछ नहीं मिला।

प्रवर्तन निदेशालय ने एयरसेल-मैक्सिस मामले में धन शोधन के आरोपों पर चिदंबरम के पुत्र कार्ति से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर छापे मार रहा है और कांग्रेस नेता की यह प्रक्रिया उसी सन्दर्भ में आयी है। चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘उन्होंने चेन्नई परिसर की जांच की है किन्तु त्रुटियों के कारण उत्पन्न हास्य (वाले मामले की तरह) में वे जोरबाग में मेरे परिसर की जांच करने चले आये। अधिकारियों ने मुझे बताया कि उनका मानना था कि कार्ति मकान में रहता है। मैंने उन्हें बताया कि वह चेन्नई में रहता है और मैं इस मकान में रहने वाला हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि उनके पास तलाशी वारंट था, मैंने तलाशी पर कोई आपत्ति नहीं की किन्तु मैंने कहा कि मैं अपनी आपत्ति दर्ज करवाऊंगा कि सीबीआई सहित किसी भी जांच एजेंसी द्वारा किसी निर्धारित अपराध के लिए प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर अपराध से कुछ हासिल नहीं था और ईडी के पास धन शोधन निरोधक कानून (पीएमएलए) में कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है।’’ पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि ईडी अधिकारियों ने रसोईघर और बाथरूम सहित सभी जगहों की तलाशी ली और उन्हें कुछ नहीं मिला। वे शर्मसार और खेद की मुद्र में है कि क्योंकि उन्होंने पाया कि मैं यहां रहता हूं तथा उनके पास तलाशी पूरी करने के अलावा और कोई चारा नहीं था।

उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि उन्हें तलाशी को जायज ठहराना था इसलिए उन्होंने सरकार द्वारा 2012-13 में संसद में दिये गये बयान से संबंधित दस्तावेजों को पृष्ठभूमि बनाया।’’ कांग्रेस ने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘यदि उन्हें भविष्य में कुछ मिला तो मैं उन्हें बधाई दूंगा।’ ईडी का मामला तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम द्वारा 2006 में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की ओर से दी गयी मंजूरी के संबंध में है।