‘फ्रॉस्ट ब्वॉय’ से चीन में गरीबी पर बहस शुरू

बीजिंग,  किसी शायर ने बखूबी बयां किया है कि ‘‘मन में हौसला हो तो हर मंजिल मिल जाती है’’। चीन में उस बच्चे ने इसे चरितार्थ कर दिया है जो हांड कपा देने वाली ठंड में मीलों पैदल चलकर जब अपने स्कूल पहुंचा तो उसके बालों पर बर्फ की चादर जम गई थी लेकिन इसके बावजूद उसने अपने सफर को मुश्किल भरा नहीं बताया।

इस बच्चे की तस्वीर वायरल होने के बाद ग्रामीण इलाकों में बच्चों पर गरीबी के असर को लेकर बहस चल पड़ी है। इस तस्वीर में जमा देने वाले तापमान में घंटों पैदल चलकर स्कूल पहुंचने के बाद बच्चे के बालों पर बर्फ जमी हुई दिखाई दे रही है।

चीनी मीडिया में इस सप्ताह आई खबर के अनुसार, दक्षिण पश्चिम युन्नान प्रांत में प्राथमिक स्कूल के छात्र वांग फुमान की प्रिंसिपल ने उसके गुलाबी गालों और बर्फ से जमे बालों की तस्वीर ऑनलाइन साझा की जिसके बाद बच्चे को ‘‘फ्रॉस्ट ब्वॉय’’ उपनाम दे दिया गया।

वांग ने शंघाई के एक अखबार से कहा, ‘‘मैं बुरे लोगों से लड़ने के लिए पुलिस अधिकारी बनना चाहता हूं। स्कूल का सफर बहुत ही ठंडा होता है लेकिन यह मुश्किल नहीं होता।’’

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, जिस शिक्षक ने तस्वीर ली, उन्होंने बताया कि वांग को अपने घर से स्कूल आने के लिए आमतौर पर 4.5 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है।

जिस दिन यह तस्वीर ली गई, उस दिन तापमान माइनस 9 डिग्री सेल्सियस था।

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने वर्ष 2012 में कार्यभार संभालने के बाद जो कदम उठाए थे उनमें गरीबी उन्मूलन भी शामिल है। उन्होंने वर्ष 2020 तक ग्रामीण इलाकों से गरीबी हटाने का आह्वान किया।

वांग के माता-पिता शहरों में काम कर रहे हैं जबकि वह अपने भाई-बहन और दादा-दादी के साथ गांव में रहता है।

चीन में टि्वटर की तरह लोकप्रिय वीबो पर एक यूजर ने लिखा, ‘‘हमने गरीबों की मदद करने के लिए अभी तक पर्याप्त काम नहीं किया। चीन में ऐसे बहुत बच्चे हैं।’’

बीजिंग न्यूज ने अपने वीबो अकाउंट पर घोषणा की कि बुधवार तक वांग के स्कूल और इलाके के अन्य स्कूल के लिए इंटरनेट यूजर्स ने 15,400 डॉलर दान दिए। प्रत्येक छात्र को 77 डॉलर दिए जाएंगे।

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