शास्त्रीय संगीत समारोह में अब भी बड़ी संख्या में लोग आते हैं: अमजद अली खान

कोलकाता,  सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान का कहना है कि टीवी पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम लाइव संगीत समारोहों का आकर्षण कभी नहीं छीन सकते।

महान संगीतज्ञ ने कहा कि लोगों को हर प्रकार का संगीत सुनना चाहिए, भले ही वह रॉक हो, पॉप हो या गजल हो।

उन्होंने यहां ‘बेहाला शास्त्रीय उत्सव’ के इतर कल ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, ‘‘टीवी पर कई संगीत समारोह प्रसारित होने के बावजूद शास्त्रीय संगीत समारोह के सभागार में बड़ी संख्या में लोग आते हैं। यह अच्छा संकेत है। लोगों को विभिन्न विधाओं को सुनना चाहिए।’’ उस्ताद अमजद अली खान ने कहा कि किसी भी संगीत का आधार सात सुर होते हैं। ये सुर दुनिया भर के लोगों को जोड़ सकते हैं।

उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने पिछले कुछ दशकों में अपने संगीत समारोहों में आने वाले दर्शकों में कोई बदलाव देखा है, इसके जवाब में महान संगीतज्ञ ने कहा, ‘‘हां ऐसा हुआ है और यह बहुत स्वाभाविक है।’’ जाने माने सरोद वादक ने शहर में प्रतिष्ठित डोवर लेन संगीत सम्मेलन में वर्ष 1959 में दी गई अपनी पहली प्रस्तुति को याद करते हुए कहा, ‘‘शास्त्रीय संगीत प्रेमी हमेशा इस प्रकार के समारोहों में आते हैं, भले ही यह 50 साल पहले की बात हो या आज की बात हो।’’ शास्त्रीय उत्सव में ‘सर्वोत्तम सम्मान’ से नवाजे गए खान ने कहा कि उन्हें यह जानकार खुशी हुई कि इस वर्ष का उत्सव पंडित रविशंकर को समर्पित किया गया है।

उन्होंने इस साल डोवर लेन संगीत सम्मेलन में हिस्सा नहीं ले पाने पर दु:ख जताते हुए कहा, ‘‘मुझे मलाल है कि मैं इस माह के अंत में सम्मेलन में शामिल नहीं हो पाऊंगा क्योंकि मैं उस दौरान अमेरिका में होऊंगा।’’

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