सेंटपाल स्कूल की प्रिंसिपल और मैनेजर को दो माह की सजा

उज्जैन। न्यायालय के आदेश को नजरअंदाज करने पर सेंटपाल स्कूल की प्रिंसिपल और मैनेजर को माननीय न्यायालय ने गं•ाीर मानते हुए दोनों को दो-दो माह की सिविल जेल की सजा सूनाई। इसके अलावा 2 लाख रुपए का परिव्यय और 10 लाख की कुर्की आदि से दण्डित किया है।
उल्लेखनिय है कि सेंटपाल स्कूल में देवेन्द्र माहेश्वरी का पुत्र देवांश और देविका माहेश्वरी पढ़ाईकरते थे। साल 2015 में जबरन टीसी देकर स्कूल से निकाल कर दोनों बच्चों के •ाविष्य के साथ खिलवाड़ किया। इस दौरान परिजनों ने स्कूल प्रबंधन की शिकायत हर स्तर पर की। लेकिन कहीं पर •ाी उनकी सूनवाई नहीं हुई। मिश्नरी स्कूल होने का फायदा उठाकर प्रशासन और बाल कल्याण समिति के आदेशों को मानने से स्पष्ट इंकार कर दिया। थक हार कर माहेश्वरी दंपति ने अपने बच्चों को न्याया दिलाने की ठानी और अ•िा•ााषक अजयसिंह गौतम के माध्यम से स्कूल के खिलाफ न्यायालय में पहुंचे। इस दौरान न्यायालय ने दोनों बच्चों को स्कूल में प्रवेश देने के आदेश दिए थे। लेकिन स्कूल प्रबंधन ने न्यायालय के आदेश को •ाी नजर अंदाज कर दिया। इसके बाद एक बार फिर से दोनों बच्चों की मां अनुश्री माहेश्वरी ने न्यायालय की अवमानना को केस न्यायालय में लगाया। अ•िा•ााषक अजयसिंह गौतम ने बताया कि उक्त मामले में शनिवार को अवमानना के प्रकरण में माननीय न्यायधीश विवेक जैन ने सेंटपाल स्कूल की प्रिंसिपल अर्चना और मैनेजर मुलामंगलम् को दोषी पाते हुए 2 लाख रुपए का परिव्यय, दो-दो माह की सिविल कारावास के साथ ही 10 लाख रुपए कीमत की स्कूल की सम्पत्ति कुर्की करने के आदेश दिए।
थाना प्र•ाारी को दिए निर्देश
न्यायाधीश ने क्षेत्र के थाना प्र•ाारी को आदेश देकर स्पष्ट कहा की। वह स्वंय जाकर अगले सत्र में दोनों बच्चों को सेंटपाल स्कूल में प्रवेश दिलाए। इस दौरान अगर कोई •ाी व्यक्ति अवरोध उत्पन्न करता है तो उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए। इसके अलावा स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा गया है कि उन्होंने किन अधिकारों के तहत न्यायालय के आदेश को मानने से इंकार कर दिया।
अव्यवस्थाओं के खिलाफउठाई थी आवाज
देवेन्द्र माहेश्वरी ने बताया कि उन्होंने सेंटपाल स्कूल की अव्यवस्थाओं और सीबीएससी के मानकों का पालन नहीं किए जाने के संबंध में स्कूल प्रबंधन की शिकायत की थी। स्कूल की व्यवस्थाओं के खिलाफआवाज उठाने पर प्रबंधन ने उनके बच्चों को स्कूल से निकाल दिया था।

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