भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन बम विस्फोट मामले के चार आरोपियों पर चलेगा देशद्रोह का मुकदमा

भोपाल, (भाषा) पिछले साल सात मार्च को भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन में जबड़ी रेलवे स्टेशन के पास हुए बम विस्फोट मामले में उत्तरप्रदेश के चार आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह एवं आतंकी हमले की साजिश रचने सहित अन्य मामलों में मुकदमा चलेगा।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के विशेष न्यायाधीश (भोपाल) गिरीश दीक्षित की अदालत ने इस ट्रेन में बम विस्फोट करने वाले चार आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह एवं आतंकी हमले की साजिश करने के आरोप कल तय किये।

जिन चार आरोपियों पर आरोप तय किये गये हैं, उनके नाम मोहम्मद दानिश (27), आतिफ मुजफ्फफर (22), गौस मोहम्मद खान (56) (तीनों निवासी कानपुर) एवं सैयद मीर हुसैन (18) निवासी कन्नौज शामिल हैं।

वहीं, इस बम विस्फोट मामले के एक अन्य आरोपी सैफुल्ला की मौत हो चुकी है।

अदालत ने अपने आदेश में कहा, ‘‘इन चारों अभियुक्तों ने सैफुल्ला के साथ मिलकर विध्वंसक कार्य किया, जो भारत की संप्रभुता एवं राष्ट्रीय सुरक्षा व संरक्षा को खतरा पहुंचाते हैं।’’ इसमें कहा गया है कि इन आरोपियों ने भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन में विस्फोटक सामग्री रखकर विस्फोट किया, जिसका उद्देश्य यात्रा कर रहे यात्रीगण की हत्या करने का प्रयास था। इसके लिए इन्होंने विधि विरूद्ध क्रियाकलाप करने एवं आतंकवादी कार्य करने के लिए आपराधिक षड़यंत्र किया और ऐसा अपराध किया जो भादंवि की धारा 120बी के अधीन दंडनीय है और इस अदालत में संज्ञान के अंतर्गत है।

अदालत ने इन आरोपियों के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3/4, विधि विरुद्व क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1967 की धारा 16 (ख), लोक संपत्ति निवारण अधिनियम 1984 की धारा 4, रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 150 एवं 151 सहित भादंवि की धारा 324 एवं 326 के तहत आरोप तय किये हैं।

वर्तमान में चार आरोपियों में से तीन आरोपी सैयद मीर हुसैन, मोहम्मद दानिश और आतिफ मुजफ्फर यहां उच्च सुरक्षा वाली भोपाल केन्द्रीय जेल में बंद हैं। इन तीनों को मध्यप्रदेश की पिपरिया पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों बाद उसी दिन तब पकड़ लिया था, जब वे एक बस से भागने का प्रयास कर रहे थे। वहीं, चौथे आरोपी गौस मोहम्मद खान को इनके द्वारा दी गई जानकारी पर बाद में उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार किया गया और उसे लखनऊ जेल में रखा गया है।

गौरतलब है कि सात मार्च 2017 को शाजापुर के पास जबड़ी रेलवे स्टेशन पर भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन में बम विस्फोट में नौ लोग गंभीर रुप से घायल हो गए थे। 14 मार्च 2017 को केन्द्र सरकार ने इस मामले की जांच एनआईए को सौंप दी थी। एनआईए ने जांच के बाद के इन आरोपियों के खिलाफ आठ अगस्त को अदालत में चालान पेश किया था।