संप्रग और राजग दोनों की सरकारों ने लोकपाल विधेयक को कमजोर किया: अन्ना हजारे

गुवाहाटी,  सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने आज आरोप लगाया कि संप्रग और राजग दोनों की सरकारों ने लोकपाल विधेयक को कमजोर किया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पहले लोकपाल विधेयक को कमजोर किया और फिर नरेंद्र मोदी ने संसद में संशोधन लाकर इस विधेयक को और कमजोर कर दिया।

हजारे ने संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि संशोधन में प्रावधान किया गया कि सरकारी अधिकारियों के परिवार के सदस्यों को हर साल अपनी संपत्ति का ब्यौरा नहीं सौंपना होगा।

उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार किसानों से ज्यादा उद्योगपतियों के हितों पर जोर दे रही है।

हजारे लोकपाल विधेयक को लेकर 23 मार्च से फिर से आंदोलन करने जा रहे हैं।