प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई के तीसरे दिन ब्रिटेन की अदालत पहुंचे माल्या

लंदन, सात दिसंबर (भाषा) विवादों में घिरे शराब कारोबारी विजय माल्या अपने प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई के तीसरे दिन ब्रिटेन की अदालत पहुंचे। इस सुनवाई के बाद आने वाला फैसला तय करेगा कि माल्या को वापस भारत भेजा जाना चाहिये या नहीं जहां वह 9,000 करोड़ रुपये के धन शोधन और बैंकों के साथ धोखाधड़ी के मामलों में वांछित हैं। माल्या ने अपने वकीलों के माध्यम से दावा किया कि उनके खिलाफ चल रहा मामला ‘राजनीति से प्रेरित’ है और सत्ताधारी भाजपा के अलावा कांग्रेस और शिवसेना इसका ‘राजनीतिक फायदा’ उठा रही हैं।

माल्या के वकील क्लेयर मोंटगोमरी ने मंगलवार को वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में कहा, ‘‘सीबीआई का भ्रष्टाचार और चुनावी साल से जुड़े मामलों में राजनीति से प्रेरित होकर मामलों को हल करने का पुराना इतिहास रहा है।’’ माल्या के वकील द्वारा यह दलील दिये जाने के दौरान सीबीआई का विशेष दल भी अदालत में मौजूद था। इस दल का नेतृत्व सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना कर रहे हैं।

न्यायमूर्ति एमा अर्बथनॉट की अदालत में क्लेयर ने भारत सरकार की ओर पेश हुए क्राउन प्रोसीक्यूशन सर्विस (सीपीएस) द्वारा जमा किए गए सबूतों की ‘स्वीकार्यता’ पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इनमें काफी सामग्री सवालों के दायरे में है और जमा किए गए कम से कम एक दर्जन दस्तावेज ‘टेंप्लेट’ की तरह दिखायी पड़ते हैं।

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