एक परिवार के लिये अंबेडकर के योगदान को मिटाने के प्रयास हुए : मोदी

नयी दिल्ली, सात दिसंबर :भाषा: नेहरू गांधी परिवार पर परोक्ष निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के जाने के बरसों बाद तक राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को मिटाने के प्रयास किए जाते रहे लेकिन जिस ‘परिवार’ के लिए ये सब किया गया, उस परिवार से कहीं ज्यादा लोग आज बाबा साहेब से प्रभावित हैं ।

राहुल गांधी पर तंज कसते हुए मोदी ने कहा कि आजकल कुछ लोगों को ‘बाबा साहब’ नहीं बल्कि ‘बाबा भोले’ याद आ रहे हैं ।

बी आर अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब का राष्ट्र निर्माण में जो योगदान है, उस वजह से हम सभी उनके ऋणी हैं। हमारी सरकार का ये प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक उनके विचार पहुंचें। विशेषकर युवा पीढ़ी उनके बारे में जाने, उनका अध्ययन करें ।

मोदी ने कहा कि हमारे देश में समय-समय पर ऐसी महान आत्माएं जन्म लेती रही हैं, जो न सिर्फ सामाजिक सुधार का चेहरा बनतीं हैं, बल्कि उनके विचार देश के भविष्य को गढ़ते हैं, देश की सोच को गढ़ते हैं। ये भी बाबा साहेब की अद्भुत शक्ति थी कि उनके जाने के बाद, भले बरसों तक उनके विचारों को दबाने की कोशिश हुई, राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को मिटाने का प्रयास किया गया, लेकिन बाबा साहेब के विचारों को ऐसे लोग भारतीय जनमानस के चिंतन से हटा नहीं पाए। उन्होंने कहा कि अगर मैं ये कहूं कि जिस परिवार के लिए ये सब किया गया, उस परिवार से ज्यादा लोग आज बाबा साहेब से प्रभावित हैं, तो मेरी ये बात गलत नहीं होगी । बाबा साहेब का राष्ट्र निर्माण में जो योगदान है, उस वजह से हम सभी बाबासाहेब के ऋणी हैं।

उन्होंने कहा कि देश की सामाजिक बुराइयों का जिस व्यक्ति ने जीवनपर्यंत सामना किया हो, वो देश को लेकर उम्मीदों से भरा हुआ था । हमें ये स्वीकारना होगा कि इतने वर्षों बाद भी हम बाबा साहेब की उन उम्मीदों को, पूरा नहीं कर सके हैं ।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की जनता अच्छी तरह समझती है कि देश को जाति के नाम पर कौन बांटने की कोशिश कर रहा है, वो अच्छी तरह समझती है कि देश जाति के नाम पर अलग-अलग होकर उस रफ्तार से आगे नहीं बढ़ पाएगा जिस रफ्तार से भारत को आगे बढ़ना चाहिए। इसलिए जब मैं ‘न्यू इंडिया’ को जातियों के बंधन से मुक्त करने की बात करता हूं, तो उसके पीछे युवाओं पर मेरा अटूट भरोसा होता है। आज की युवाशक्ति बाबा साहेब के सपनों को पूरा करने की ऊर्जा रखती है।

मोदी ने कहा, ‘‘ खैर, आजकल उन्हें बाबा साहेब नहीं, बाबा भोले याद आ रहे हैं। चलिए, इतना ही सही। ’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों के लिए कई बार जन्म के समय मिली जाति, जन्म के समय मिली भूमि से ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है। आज की नई पीढ़ी में वो क्षमता है जो इन सामाजिक बुराइयों को खत्म कर सकती है। पिछले 15-20 वर्षों में जो बदलाव मैं देख रहा हूं, उसका पूरा श्रेय नई पीढ़ी को ही दूंगा ।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के इतने वर्षों बाद भी हमारे देश में ये स्थिति रही कि लाखों-करोड़ों लोगों के जीवन में ये समानता नहीं आई। बहुत बुनियादी चीजें, बिजली कनेक्शन, पानी कनेक्शन, एक छोटा सा घर, जीवन बीमा, उनके लिए जीवन की बहुत बड़ी चुनौतियां बनी रहीं ।

अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि पिछले तीन-साढ़े तीन साल में हमने बाबा साहेब के सामाजिक लोकतंत्र के सपने को ही पूरा करने का प्रयास किया है। इस सरकार की योजनाएं, सामाजिक लोकतंत्र को मजबूत करने वाली रही हैं।

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