एनपीए को कम कर दिखाने का मामला: रिजर्व बैंक ने कहा, कोई नियम नहीं बदला

मुंबई, कई बैंकों ने नियामकीय निर्देश के बाद यह स्वीकार किया है कि उन्होंने अपनी गैर निष्पादित आस्तियों को कम कर दिखाया है। वहीं केंद्रीय बैंक ने आज स्पष्ट किया उसने इस बारे में नियमों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है। रिजर्व बैंक ने कहा कि एनपीए के मोर्चे पर बैंकों द्वारा सही स्थिति नहीं दिखाए जाने की वजह बैंकों द्वारा नियमों को गलत तरीके से लागू करना है।

मौद्रिक नीति की समीक्षा के बाद परंपरागत संवाददाता सम्मेलन में रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एन एस विश्वनाथन ने कहा, ‘‘हमने बैंकों के वर्गीकरण आधारित नियमों को देखा है। कुछ मामलों में हमने पाया कि इन नियमों को सही तरीके से लागू नहीं किया गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि नियमों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।’‘’ विश्वनाथन ने कहा कि पूर्व में भी इस तरह चीजें होती थीं जो केंद्रीय बैंक द्वारा बैंकों के खातों के निरीक्षण के बाद सामने आती थीं। अब यह बदल गया है। बैंकों के लिए अनिवार्य रूप से इस तरह की खामी का खुलासा करना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह की खामी यदि एक निश्चित प्रतिशत से अधिक होती है, तो उसका खुलासा करना पड़ता है। इससे पारदर्शिता आई है।’’

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