महामहिम राष्ट्रपति ने महाकाल मन्दिर को सम्मानित किया

उज्जैन । महामहिम राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्द ने रविवार 3 दिसम्बर विश्व विकलांग दिवस के अवसर पर महाकाल मन्दिर को दिव्यांगों के लिये आदर्श दर्शन व्यवस्था करने के लिये प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति की ओर से कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे ने प्रशस्ति-पत्र ग्रहण किया। इस अवसर पर पुजारी पं.आशीष शर्मा, प्रशान्त शर्मा, प्रदीप शर्मा, अशोक शर्मा, लोकेश व्यास, प्रशासक श्री प्रदीप सोनी, श्री प्रकाश मारू, शहरी विकास अभिकरण के श्री भविष्य खोबरागड़े, श्रीमती सुमन शान्ताराम भोंडवे, श्री अमोल शान्ताराम भोंडवे, श्री नितीन पोपट गवली, श्री प्रदीप त्रयंबक घाटगे, श्री शैलेन्द्र कुमार जैन तथा श्री नितीन श्रीमाली मौजूद थे।

उल्लेखनीय है कि भगवान महाकालेश्वर मन्दिर में दिव्यांग आसानी से दर्शन-पूजन कर सकें, इसके लिये भी महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। देश का पहला बाधारहित मन्दिर बनने वाला भगवान श्री महाकालेश्वर मन्दिर ऐसा मन्दिर है, जहां पर अस्थिबाधित, दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित दिव्यांगों के लिये दर्शन हेतु विशेष सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई है। दृष्टिहीन श्रद्धालुओं के लिये स्पेशल स्मार्टफोन की तरह डिवाइस तैयार किया गया है। ‘गूगल नेविगेशन मेप’ से कनेक्ट इस डिवाइस से श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने पर समीप के मन्दिर में किस ओर मुड़ना है, इसकी सूचना मिलती रहेगी। हेडफोन के साथ हाईटेक स्टिक एवं व्हीलचेयर भी उपलब्ध करवाई जा रही है। महाकाल मन्दिर में ब्रेल संकेतक लगाये गये हैं। महाकाल मन्दिर में रैम्प के निर्माण के साथ रेलिंग भी लगाई गई है। सुगम आवास व्यवस्था के लिये महाकाल धर्मशाला के ग्राउण्ड फ्लोर के दो कमरों को दिव्यांगजनों के लिये आरक्षित कर दिया गया है। इन कमरों के अन्दर बाधामुक्त वातावरण एवं शौचालय निर्मित किया गया है। अल्प दृष्टिबाधितों के लिये धर्मशाला के आरक्षित कमरों में बिजली के बटनों पर रेडियम लगाया गया है।

      द्वादश ज्योतिर्लिंग में से एक भगवान महाकालेश्वर मन्दिर देश का पहला ऐसा मन्दिर है, जहां पर हर कोने में स्वच्छता एवं सुन्दरता दिखाई पड़ती है। विगत पिछले एक-डेढ़ वर्ष से अधिक समय से महाकालेश्वर प्रबंध समिति द्वारा महाकालेश्वर मन्दिर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देते हुए आधुनिक मशीनों से साफ-सफाई का कार्य करवाया जा रहा है। इसीलिये स्वच्छता के सभी मानकों में मन्दिर की व्यवस्थाएं खरी उतरी हैं। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु यहां की साफ-सफाई देखकर न केवल प्रसन्न होते हैं, बल्कि व्यवस्थाओं की सराहना भी करते हैं।

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