भोपाल गैस कांड की 33 वीं बरसी पर प्रभावितों ने निकाली रैली

भोपाल, भोपाल गैस त्रासदी की 33वीं बरसी पर आज सैकड़ों की संख्या मे त्रासदी से पीड़ित और उनके समर्थकों ने बंद पड़े यूनियन कार्बाइड के कारखाने तक रैली निकाली जहां विश्व का भीषणतम औद्योगिक हादसा घटा था। रैली में शामिल प्रदर्शंनकारियों ने गैस प्रभावितों का सही इलाज, पैदाइशी खराबियों वाले बच्चों का पुनर्वास, रोजगार, पेंशन, कातिल कंपनियों को सज़ा, पर्याप्त मुआवजा तथा प्रदूषित मिट्टी और भूजल से जहरीले तत्वों की सफाई की मांग की।

रैली का नेतृत्व करने वाले पीड़ितों के हित में काम करने वाले समाजिक संगठनों के नेताओ आज यहां एक बयान जारी कर केंद्र तथा प्रदेश की सरकारों पर पीड़ितों के प्रति आपराधिक लापरवाही बरतने तथा यूनियन कार्बाइड और उसके वर्तमान मालिक के साथ सांठगांठ करने का आरोप लगाया।

भोपाल ग्रुप फॉर इन्फारमेंशन एंड एक्शन की रचना ढींगरा और उनके सहयोगी चार अन्य संगठनों ने आज यहां जारी संयुक्त बयान में कहा, ‘‘पिछले तीन सालों में पीड़ितों के प्रति सरकारी उदासीनता मे बद्दोतरी की वजह यह है की आधे पीड़ित मुसलमान है और बहुसंख्यक हिन्दू पीड़ित निचली जातियों के है। सत्तासीन पार्टी ने हमेशा इनके खिलाफ भेदभाव बरता है।’’ रैली के अंत में प्रदर्शंनकारियों ने यूनियन कार्बाइड, डाव केमिकल और डुपान्ट के कारपोरेट लोगो के सिर वाले तीन पुतलों को आग लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके अलावा भोपाल के अन्य हिस्सों में भी विरोध प्रदर्शन में रैली और धरने दिये गये।

भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन :बीजीपीयू: ने भोपाल गैस कांड की याद में यादगारे शाहजहानी पार्क में 33 वी बरसी आयोजित की तथा मृत आत्माओं को श्रधांजलि देने के साथ साथ जीवित बचे गैस पीड़ितों के लिए संघर्ष की प्रतिज्ञा ली।

संगठन के संयोजक अब्दुल जब्बार ने कहा, ‘‘यूनियन कार्बाइड से केंद्र सरकार ने नागरिकों के घायल होने, मृत्यु व जानवरों की मृत्यु का मुआवजा प्राप्त किया है जो अपर्याप्त है। यूनियन कार्बाइड अर्थात डाव केमिकल पर पर्यावरणीय क्षति का मुकदमा दर्ज कर राज्य सरकार मुआवजा मांगे। यह स्पष्ट है की यूनियन कार्बाइड परिसर में सौर वाष्पीकरण तालाब तथा प्रदूषित हो चुकी धरती का स्वामित्व राज्य सरकार का है। अत: इस क्षेत्र का वैज्ञानिक सर्वे भी कराये जाने की भी नितांत आवश्यक है।’’ उन्होंने भोपाल गैस त्रासदी राहत मंत्री विश्वास सारंग को एक ज्ञापन सौंपा इसमें गैस त्रासदी के प्रभावित परिवारों में पैदाइशी खराबियों वाले बच्चों को भी पेंशन देने की मांग की गयी।

बरकतउल्ला भवन में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि गैस पीड़ित विधवा महिलाओं को पेंशन आगे भी जारी रहेगी। चौहान ने कहा, ‘‘विकास की अंधी दौड़ के कारण ही इस प्रकार की त्रासदियां होती हैं। इसलिये विकास और पर्यावरण में संतुलन होना आवश्यक है। हमें संकल्प लेना चाहिये कि भविष्य में इस प्रकार के हादसे न होने पाये।’’

Leave a Reply