एनआईएमए एवं हिमालिया ड्रग कंपनी द्वारा सभा का आयोजन

उज्जैन। सीसीआई विधेयक के विरोध में गए प्रतिनिधिमंडल का सममान किया गया। भविष्य की योजना नि:शुल्क चिकित्सा कैम्पआयोजित किए जाने की सलाह दी गई। अध्यक्ष डॉ. सुशील कालरा ने बताया कि डॉ. नवीन खेड़े द्वारा आए दिन एंटीबायोटिक का मिस यूज करने पर साईड इफेक्ट सामने आने लगे हैं। उससे बचने के उपाय बताए गए और कई बीमारियों में एंटीबायोटिक का उपयोग न करने की सलाह दी गई, ताकि आने वाली जनरेशन में इसका दुष्प्रभाव न पड़े। इस विषय पर विस्तृत में बताया कि आने वाले समय में आयुर्वेद ही मुख्य चिकित्सा पद्धति काम करेगी। हमें उस पर अभी से ही जागरूक होना चाहिए एवं ड्रग रजिस्टेंस के बारे में विस्तार से बताया गया। मुख्य अतिथि डॉ. ओ.पी. पालीवाल द्वारा सभी के द्वारा मिलजुलकर काम करने की सलाह दी गई।

कार्यक्रम में डॉ. एस.एन. पांडे, डॉ. रंजन त्रिवेदी (एनआईएमए के मुख्य संरक्षक), डॉ. सी.के. कासलीवाल, डॉ. सिलवाड़िया, डॉ. नरेस राय, डॉ. अनिल सर्राफ, डॉ. आनंद सर्राफ, डॉ. ईश्वरसिंह सिसोदिया, डॉ. महेश कानूनगो, डॉ. अमित राजपुरोहित, डॉ. हेमंत रावल, डॉ. सुरेश अग्रवाल, डॉ. संजीव द्विवेदी, तराना से आए डॉ. अमरसिंह बड़ाल एवं साथी, नागदा से आए डॉ. हिमांशु पांडे एवं साथी आदि उपस्थित थे। सभा का संचालन डॉ. अजयकीर्ति जैन ने किया। आभार डॉ. परेस राय ने माना।

Leave a Reply