एक शाम चाहने वालों के नाम मुशायरा 9 दिसम्बर को

उज्जैन। शनिवार 9 दिसम्बर का दिन उज्जैन के साहित्यप्रेमी नागरिकों के लिये बहुत खास दिन होगा । मालवांचल में सांस्कृतिक एवं साहित्यिक परम्पराओं का परचम फेहराने वाले अंतर्राश्ट््रीय ष्शायर अहमद रईस निजामी एक ख़ास तोहफ़ा देने जा रहे हैं । निज़ामी फाउण्डेषन की ओर से आयोजित है एक ष्शाम चाहने वालों के नाम मुषायरा ।

उल्लेखनीय होगा उज्जैन और आस पास के क्षैत्र के रहने वाले मुषायरा प्रेमी नागरिकों को तोपखाना रोड के मुषायरे का बहुत उत्साह के साथ इन्तिज़ार रहता है । तोपखाने के मुषायरे में अनेक अंतर्राष्ट््रीय ख्याति प्राप्त ष्शायरों एवं कवियों ने षिर्कत की है । इसी परम्परा को कायम रखते हुए देष के श्रेष्ठ शायरों को आमंत्रित किया गया है ।

निज़ामी फाउण्डेषन के संस्थापक और मुषायरा कन्वीनर अहमद रईस निज़ामी के अनुसार 9 दिसम्बर ष्शनिवार की रात्रि में तोपखाना रोड पर आयोजित इस मुषायरे में डाॅ. माजिद देवबन्दी दिल्ली, सरदार चरणसिंह बषर लखनउ, जौहर कानपुरी कानपुर, मीसम गोपालपुरी इलाहबाद, तारीफ़ नियाज़ी दुबई, ष्शफीक आबेदी बेंगलौर, डाॅ. खालिद नैयर अमरावती, अबूज़र नवेद किरतपुर, वसीम राजूपुरी राजूपुर, सिकन्दर हयात गड़बड़ रुढ़की, फैयाज अहसन उमरखेड़, अरक़म हसनपुरी, तालिब लईक़ इटावा, अंजुम बाराबंकवी और विजय तिवारी भोपाल के साथ ही चयनीत स्थानीय ष्शयरों को इस मुषायरे में आमंत्रित किया गया है ।

निज़ामी का पैग़ाम है कि:
मैं नफ़रत करने वालों से भी रफरत कर नहीं सकता
मुझे तो चाहने वालों से ही फुर्सत नहीं मिलती

मैं ने अपने चाहने वालों और मोहब्बत करने वालों के लिये विषेष रुप से यह प्रोग्राम बनाया है, मुझे उम्मीद है कि सभी मोहब्बत करने वाले इस प्रोग्राम से जुड़ कर मेरी होसला अफ़ज़ाई करेंगे । निज़ामी ने उज्जैन एवं आस पास के साहित्यप्रेमी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिकाधिक संख्या में पधार कर मुशायरे का लुत्फ हासिल करें ।