सरकार ने निजी हज टूर ऑपरेटरों के कोटे में वृद्धि की सिफारिशों को स्वीकार किया

नयी दिल्ली, सरकार ने निजी ऑपरेटरों के जरिए हज पर जाने का कोटा तीन प्रतिशत से अधिक बढ़ाए जाने की एक उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है।

सरकार ने ‘हज नीति 2018-2022’ का मसौदा तैयार करने के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की थी। इस समिति ने पिछले महीने सिफारिशें दी थीं।

समिति ने सिफारिश की थी कि निजी टूर ऑपरेटरों का कोटा मौजूदा 26.47 प्रतिशत से बढ़ा कर 30 फीसदी किया जाए।

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने समिति की सिफारिशों को स्वीकार करने की पुष्टि की है।

भारत का वार्षिक हज कोटा 1.70 लाख है।

2017 के आवंटन के मुताबिक, इन 1.70 लाख में से 1.25 लाख यात्री हज कमेटी ऑफ इंडिया के जरिए सऊदी अरब जा सकते थे।

हज पर जाने वाले 45,000 लोगों को निजी टूर संचालक (पीटीओ) ले जा सकते थे।

कोटा आवंटन में संशोधन के मुताबिक, पीटीओ के जरिए 51,000 लोग मक्का मदीना जा सकते हैं।

बाकी के 1.19 लाख यात्री हज कमेटी ऑफ इंडिया के जरिए जा सकते हैं।

नकवी ने कहा, ‘‘ हमने सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है। यह तार्किक सिफारिश है। इन्हें हज जाने वालों के हितों समेत प्रत्येक पहलू पर अध्ययन करने के बाद स्वीकार कर लिया गया है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि पीटीओ की श्रेणियां बढ़ाकर दो से तीन कर दी गई हैं।

मंत्रालय के एक सूत्र के मुताबिक, आवंटन संशोधन से हज सब्सिडी के जरिए हज पर जाने वाले यात्रियों को बहुत फर्क नहीं पड़ना चाहिए। उच्चतम न्यायालय के वर्ष 2012 के आदेश के मुताबिक, हज सब्सिडी को धीरे धीरे कम किया जा रहा है।

शीर्ष अदालत के आदेश के मुताबिक, सब्सिडी को धीरे-धीरे 2022 तक खत्म किया जाना है।

एक सूत्र ने कहा, ‘‘ पहले लोग हज कमेटी ऑफ इंडिया के जरिए जाना चाहते थे क्योंकि उन्हें सब्सिडी मिलती है। अब 2012 से सब्सिडी को धीरे धीरे खत्म किया जा रहा है।’’