कैंसर को मात देने वाले बच्चों के आगे के जीवन को स्वस्थ बनाये रखने के लिए जागरुकता जरूरी :विशेषज्ञ

नयी दिल्ली,  कैंसर जैसे खतरनाक रोग को हराकर सामान्य जीवन जी रहे बच्चों के बीच जागरुकता फैलाने के लिए राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर (आरजीसीआई) ने यहां एक समारोह का आयोजन किया जिसमें विशेषज्ञों ने बताया कि बीमारी से उबरने वाले बच्चों के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि वे लंबे समय तक स्वस्थ जीवन कैसे जिएं।

संस्थान ने कल यहां “सेलिब्रेटिंग लाइफ 2017″ का आयोजन किया जिसमें संस्थान के नीति बाग परिसर में पीडियाट्रिक हेमेटोलॉजी ऑन्कोलॉजी की निदेशक और चिकित्सा निदेशक डॉ गौरी कपूर ने कहा, ‘‘अब चूंकि ज्यादा से ज्यादा बच्चे अपनी बीमारी से बाहर आ रहे हैं और सामान्य जिंदगी जी रहे हैं तो ऐसे में ध्यान इस बात पर केंद्रित हो गया है कि ऐसे बच्चे लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जिएं। इसलिए हमारी यह जिम्मेदारी बन जाती है कि देखभाल करने वाले माता-पिताओं और अभिभावकों को बच्चे के इलाज, इससे जुड़े दुष्प्रभाव आदि के बारे में बताया जाए। इसके खतरों के असर को कम करने के बारे में भी बात की जानी चाहिए।” आरजीसीआई में कंसल्टेंट पीडियाट्रिक सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ शालिनी मिश्रा ने कहा, “कैंसर ठीक हो जाने के बाद बच्चों के सामने पूरी जिंदगी पड़ी होती है। यह जरूरी है कि उन्हें हर तरह से ठीक होने के लिए उचित देखभाल और पर्याप्त सलाह मिले। 2012-14 के लिए आई पॉपुलेशन बेस्ट कैंसर रजिस्ट्री (पीबीसीआर) की रिपोर्ट के मुताबिक हर उम्र के लोगों की तुलना में बच्चों में कैंसर के मामले 0.7% से 4.4% के बीच थे। यह आंकड़ा 2006-2011 के बीच की रिपोर्ट की तुलना में कम है। तब यह प्रतिशत 0.5 से 5.8 के बीच था।” बच्चों के लिए अनेक मनोरंजक कार्यक्रमों और उनकी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच समारोह में पेशेवर विशेषज्ञों द्वारा करियर पर परामर्श और जीवन जीने के गुर सिखाने के लिए सत्रों का आयोजन भी किया गया।