मप्र में दर्ज किया गया बिजली आपूर्ति का नया रिकार्ड

भोपाल,  मध्यप्रदेश में बिजली आपूर्ति के पुराने रिकार्ड को पार करते हुए कल शनिवार को पहली बार नया रिकार्ड दर्ज करते हुए बिजली की 11,466 मेगावॉट की सर्वोच्च मांग पर बिजली आपूर्ति की गयी। आधिकारिक तौर पर आज यहां बताया गया कि मध्यप्रदेश में बिजली आपूर्ति का नया रिकार्ड बनाते हुए कल शनिवार सुबह नौ बजे तक 11,466 मेगावाट की सर्वोच्च मांग की आपूर्ति की गयी। इससे पहले 23 दिसम्बर, 2016 को प्रदेश में बिजली की सर्वोच्च माँग 11,421 मेगावॉट दर्ज हुई थी।

उन्होंने बताया कि बिजली माँग की बढ़ोत्तरी का मुख्य कारण रबी सीजन में किसानों को 10 घंटे गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध बिजली की आपूर्ति है। सभी बिजली उपभोक्ताओं को रोशनी के लिए 24 घंटे बिजली की सतत आपूर्ति भी की जा रही है।

उन्होंने बताया कि 11 नवम्बर को जब बिजली की माँग 11,466 मेगावॉट दर्ज हुई, उस समय बिजली की आपूर्ति में पॉवर जनरेटिंग कम्पनी के ताप विद्युत गृहों से 1,950 मेगावॉट तथा जल विद्युत गृहों से 345 मेगावॉट, इंदिरा सागर-सरदार सरोवर-ओंकारेश्वर जल विद्युत परियोजना का अंश 296 मेगावॉट, एनटीपीसी और डीवीसी (सेंट्रल सेक्टर) का अंश 2,895 मेगावॉट, सासन अल्ट्रा मेगा पॉवर प्रोजेक्ट का अंश 1,333 मेगावॉट, आईपीपी का अंश 1,310 मेगावॉट रहा और बिजली बैंकिंग से 2,117 मेगावॉट बिजली प्राप्त हुई। इसके अलावा अन्य नवकरणीय स्रोत से 1,218 मेगावॉट बिजली मिली।

उन्होंने बताया कि पूर्व के दो वर्ष में बिजली की माँग दिसम्बर माह में निरंतर बढ़ती रही है, किन्तु इस वर्ष प्रदेश में कम वर्षा होने के कारण करीब डेढ़ माह पूर्व ही बिजली की माँग और आपूर्ति में निरंतर बढ़ोत्तरी दर्ज हो रही है। पिछले 6 दिन से बिजली की माँग 11 हजार मेगावॉट से ऊपर दर्ज हुई है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी (जबलपुर, रीवा तथा सागर) में बिजली की माँग 2,871 मेगावॉट, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी (भोपाल एवं ग्वालियर) में 3,716 मेगावॉट और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी (इंदौर एवं उज्जैन) में 4,878 मेगावॉट दर्ज की गई है।

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