अगले सप्ताह से लागू होगी सम-विषम योजना, तीन दिनों में प्रदूषण के स्तर में गिरावट आने का अनुमान

नयी दिल्ली,  राष्ट्रीय राजधानी में आज लगातार तीसरे दिन प्रदूषण आपातकाल का असर जारी रहा और महानगर की सरकार ने मंगलवार से पहली बार प्रदूषण का स्तर कम होने के बावजूद 13 नवंबर से सम-विषम योजना फिर से शुरू करने की घोषणा की है।

दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि सम-विषम योजना 2016 में दो बार राष्ट्रीय राजधानी में लागू किया गया था और यह योजना 13 नवंबर से 17 नवंबर तक सुबह आठ बजे से शाम आठ बजे तक लागू होगा।

महिला चालकों, दो पहिया वाहनों और स्कूली यूनिफॉर्म में स्कूली बच्चों के अलावा वीवीआईपी के वाहनों को इस योजना से छूट दी गयी है। इसके अलावा जिस कार का अंतिम नंबर सम से समाप्त होगा वह सम तारीखों को जबकि जिस वाहन का अंतिम नंबर विषम नंबर को समाप्त होगा वह विषम तारीखों को सड़कों पर चल सकेंगी।

इसके अलावा पीले नंबरों वाले व्यवसायिक वाहन भी इस योजना के अंतर्गत नहीं आएंगे।

इस बीच, शहर में जहरीले धुंध के छा जाने के कारण कल किये गये एहतियाती उपायों के तहत पूरे शहर में स्कूलों को बंद कर दिया गया है और अधिकांश स्थानों पर निर्माण कार्यों को रोक दिया गया है।

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने राष्ट्रीय राजधानी में एक दिन में 500 के पैमाने पर 486 वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) दर्ज किया। पड़ोस के फरीदाबाद, गाजियाबाद, नोएडा और गुड़गांव की भी एक्यूआई आपात स्थिति में दर्ज की गयी।

मंगलवार से प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी के बाद से आज दोपजर 12 बजे से पीएम 2.5 और पीएम 10 के अल्ट्राफाइन कणों के स्तर में गिरावट दर्ज की गयी।

सीपीसीबी के वायु प्रयोगशाला के प्रमुख दीपांकर साहा ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया, ‘‘नमी के कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट आयी है।’’ ग्रैडेड रिस्पांस एक्शन योजना के तहत किये गये उपायों की समीक्षा के लिए सीपीसीबी की एक टॉस्क फोर्स इस नतीजे पर पहुंची है कि शनिवार को प्रदूषण के स्तर में ‘बहुत कम’ श्रेणी की गिरावट आएगी जो इस समय जारी ‘आपात स्थिति’ से दो स्तर नीचे होगी।

इसमें बताया गया है कि अभी के जरूरत के हिसाब से सम-विषम सहित ग्रैडेड रिस्पांस एक्शन योजना के तहत कोई अतिरिक्त उपाय नहीं किया गया है। इसमें सुझाव देते हुए कहा गया है कि दिल्ली सरकार के फैसले में किसी प्रमुख पैनल का समर्थन नहीं है जो जीआरएपी के प्रभाव को देख सके।

इस बीच गहलोत ने बताया कि दिल्ली सरकार ने सम-विषम सप्ताह के दौरान यात्रियों की भीड़भाड़ से निपटने के लिए दिल्ली परिवहन निगम को निजी ठेकेदारों से 500 बसें लेने का निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली मेट्रो ने भी इस अवधि के दौरान 100 छोटी बसें मुहैया कराने का भी वादा किया है। स्कूल स्वेच्छा से अपनी बसें देने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि, ऐसी कोई बाध्यता नहीं है।’’ सीएनजी वाहनों को छूट मिलेगी लेकिन गाड़ियों पर स्टीकर लगा होना चाहिए। यह स्टीकर कल दोपहर दो बजे से पूरी दिल्ली के 22 आईजीएल गैस स्टेशनों पर मिलेगी।

मंत्री ने कहा, ‘‘पिछली बार लागू की गयी सम-विषम योजना के दौरान की पुरानी स्टीकर भी वैध होगी।’’ राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने निर्माण और औद्योगिक गतिविधि और शहर में ट्रकों के प्रवेश पर रोक लगा दी है।

उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और हरियाणा के राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि फसल का अवशेष नहीं जलाया जाए और किसानों को प्रोत्साहन राशि दी जाए।

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