व्यापार मेले का आखिरी बार गवाह बनेगा इटपो का कार्यालय ‘प्रगति भवन’

नयी दिल्ली,  पिछले कई सालों से यहां प्रगति मैदान में व्यापार मेलों के आयोजन और उनकी व्यवस्था का जिम्मा संभालने वाला भारत व्यापार संवर्धन संगठन (इटपो) का कार्यालय ‘प्रगति भवन’ इस साल 14 से 27 नवंबर तक होने वाले भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का आखिरी बार गवाह बनेगा। दरअसल, प्रगति मैदान को नया रूप दिया जा रहा है। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का अत्याधुनिक प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केन्द्र बनाने के लिये बड़े पैमाने पर इसका पुनर्निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। पहले चरण के निर्माण कार्य के तहत जनवरी 2018 में ‘प्रगति भवन’ को भी तोड़ दिया जायेगा। पहले चरण में सभी राज्य मंडपों के हाल ढहा दिये गये हैं। इसके अलावा हॉल नंबर एक से लेकर छह, 14, 15, 19 को भी ढहाने का काम काफी कुछ हो चुका है।

इटपो के महा प्रबंधक जे. गुना शेखरन ने ‘भाषा’ को बताया , ‘‘पहले चरण के निर्माण कार्य के चलते प्रगति भवन भी टूटने जा रहा है। जनवरी 2018 में इसको तोड़ने का काम शुरू हो जायेगा। हालांकि, 14 नवंबर से होने वाले 37वें भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का आयोजन कार्य फिलहाल इसी भवन से संचालित होगा। इसके बाद भवन में चलने वाले कार्यालयों को हाल नंबर सात के आसपास स्थानांतरित कर दिया जायेगा।’’ गुना शेखरन ने कहा कि कई हाल और राज्य मंडप के भवन पुनर्निर्माण कार्य के चलते ढहा दिये गये हैं लेकिन इसके बावजूद इस बार मेले में 52,000 वर्गमीटर क्षेत्र पर प्रदर्शनी लगेगी और संघ शासित प्रदेश सहित 32 राज्य इसमें भागीदारी करेंगे। राज्यों को दूसरे मंडपों में 400 से 500 वर्गमीटर तक स्थान दिया जायेगा। इसके लिये अस्थाई विशाल मंडप तैयार किये गये हैं। इसके अलावा हाल नंबर सात से लेकर 12 और 12 ए तथा 18 में प्रदर्शनी का आयोजन किया जायेगा। केन्द्र सरकार के ‘सरस’, खादी ग्रामोद्योग सहित 50 उपक्रम और विभाग भी अपने कार्यकलापों के साथ प्रदर्शनी में भाग लेंगे।

वियतनाम को भागीदार देश बनाया गया है जबकि क्रिगिस्तान ‘फोकस’ देश होगा। झारखंड इस बार के मेले में भागीदार राज्य है। इंडोनेशिया, इराक भी इस बार मेले में भागीदारी करेंगे। इसके अलावा ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, चीन, तुर्की, अफगानिस्तान सहित कई देशों की 222 कंपनियां व्यापार मेले में भाग लेंगी। कुल मिलाकर देश विदेश की 3,000 से अधिक कंपनियां मेले में अपने उत्पाद और क्रिया कलापों को प्रदर्शित करेंगी।

प्रगति मैदान को अगस्त 2019 तक अत्याधुनिक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केन्द्र के तौर पर विकसित करने का लक्ष्य है।

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