इंडियन बैंक का शुद्ध लाभ 11.5% बढ़कर 452 करोड़ रुपये, अवरुद्ध रिणों में कमी

नयी दिल्ली, सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन बैंक का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 11.45% बढ़कर 451.54 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में यह आंकड़ा 405.14 करोड़ रुपये था।

इस दौरान वसूल नहीं हो रहे रिण में कमी आयी पर बैंक ने ऐसे रिणों के मामले में किए गए पूंजी प्रावधान को तुनात्मक रूप से ऊंचा रखा। नियामक को दी जानकारी में बैंक ने बताया कि समीक्षावधि में बैंक की कुल आय 4,874.16 करोड़ रुपये रही है जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 4,579.01 करोड़ रुपये थी।

बैंक की सकल गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) उसके सकल ऋण का 6.67% रही हैं जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 7.28% थी। बैंक का शुद्ध एनपीए उसके शुद्ध ऋण का 3.41% रहा है जो पिछले वित्त वर्ष में 4.62% था।

बैंक ने एनपीए के लिए आलोच्य तिमाही में 744.55 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। पिछले वर्ष इसी तिमाही में एनपीए के संबंध में पूंजी का प्रावधान 478.27 करोड़ रुपये था। बैंक का कहना है कि उसके एनपीए के लिए कुल 357.26 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान करना पड़ रहा है। यह दिवाला कानून के दायरे में आए आठ रिण खातों के संबंध में है। इसे जुलाई-सितंबर 2017-18 की तिमाही से लेकर तीन तिमाहियों के बीच समायोजित किया जाना है और उसी के अनुसार इस बार की तिमाही में इस मद में 119.08 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।

बांबे शेयर बाजार में इंडियन बैंक का शेयर आज दिन के कारोबार में 9.3 प्रतिशत उछल कर 379.50 रुपये के भाव पर चल रहा था।

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