भारतीय महिला टीम ने 13 साल बाद जीता एशिया कप, विश्व कप में जगह बनायी

काकामिगाहारा (जापान), गोलकीपर सविता पूनिया ने शूटआउट के तनावपूर्ण क्षणों में शानदार बचाव किया जिसके दम पर भारतीय महिला हाकी टीम ने आज यहां रोमांचक फाइनल में चीन को हराकर 13 साल बाद एशिया कप जीता और इसके साथ ही महाद्वीपीय चैंपियन के तौर पर अगले साल होने वाले विश्व कप के लिये क्वालीफाई किया।

वह कप्तान रानी थी जिन्होंने विजयी गोल दागा जबकि इसके बाद गोलकीपर सविता ने शानदार बचाव करके भारत की 5-4 से जीत सुनिश्चित की। भारत पिछली बार विश्व कप के लिये क्वालीफाई करने में नाकाम रहा था जबकि 2010 में वह नौवें स्थान पर रहा था। एशिया कप की जीत से हालांकि नये कोच हरेंद्र सिंह की अगले साल लंदन में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद बढ़ गयी होगी।

भारत ने 25वें मिनट में नवजोत कौर के गोल से बढ़त बनायी लेकिन चीन तियानतियान के 47वें मिनट में किये गये गोल से बराबरी करने में सफल रहा। इससे निर्धारित समय तक स्कोर 1-1 से बराबर था।

निर्धारित समय तक दोनों टीमों के बराबरी पर रहने के बाद भारत की तरफ से रानी दोनों बार गोल करने में सफल रही। उनके अलावा शूटआउट में मोनिका, लिलिमा मिंज और नवजोत ने गोल किये। सविता को टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर चुना गया।

भारतीय टीम को अपने दूसरे एशिया कप के लिये लंबा इंतजार करना पड़ा। उसने इससे पहले 2004 में खिताब जीता था जब यह टूर्नामेंट नयी दिल्ली में खेला गया था। उसने तब फाइनल में जापान को 1-0 से हराया था।

भारतीय हाकी के लिये यह एक महीने के अंदर दूसरी बड़ी सफलता है। पुरूष टीम ने भी पिछले महीने एशिया कप जीता था।

चीन ने शुरू से ही मैच में दबाव बनाने की कोशिश की। उसने दूसरे मिनट में ही पेनल्टी कार्नर मिल गया था लेकिन भारतीय गोलकीपर सविता और दीप ग्रेस ने भारत पर से खतरा टाल दिया। इसके बाद नवनीत कौर और वंदना ने एक दूसरे को पास देकर चीन के गोल पर हमला किया लेकिन उसकी गोलकीपर वांग ना सतर्क थी और उसने हमला नाकाम कर दिया। चीन को जल्द ही दूसरा पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन सविता ने फिर से मीयु लियांग के फ्लिक पर पैड अड़ा दिया। पहले क्वार्टर में एक भी गोल नहीं हुआ लेकिन भारत ने दूसरे मिनट में पूरी प्रतिबद्धता दिखायी और चीन को दबाव में ला दिया। नवजोत कौर का 17वें मिनट में करारा शाट रोक दिया गया। उन्होंने हालांकि 25वें मिनट में रानी के सहयोग से भारतीय टीम को बढ़त दिलायी। चीन ने तुरंत ही जवाबी हमला किया लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने उसके इरादों को पूरा नहीं होने दिया। भारत ने तीसरे क्वार्टर में भी आक्रामकता बनाये रखी। उनकी पासिंग शानदार थी। नेहा गोयल और लिलिमा मिंज ने ड्रिबलिंग के अपने कौशल का अच्छा नमूना पेश किया। चीन की रक्षापंक्ति ने भी इस क्वार्टर में अच्छा खेल दिखाया।

अंतिम क्वार्टर काफी रोमांचक रहा। चीन ने 47वें मिनट में वीडियो रेफरल के जरिये पेनल्टी कार्नर हासिल किया तथा तियानतियान ने गोल के दायें छोर पर गेंद डालकर मैच को बराबरी पर ला दिया। भारत को 51वें मिनट गोल करने का मौका मिला लेकिन चीनी रक्षकों ने इस हमले को नाकाम कर दिया। जब खेल समाप्त होने में केवल तीन मिनट बचे हुए थे तब चीन को पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन सुनीता लाकड़ा ने उसे खूबसूरती से बचा दिया।

इससे पहले दक्षिण कोरिया ने दिन के पहले मैच में जापान को 1-0 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया। मलेशिया थाईलैंड को हराकर पांचवें स्थान पर रहा।

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