एंटासिड के लंबे समय तक इस्तेमाल से दोगुना हो सकता है पेट कैंसर का खतरा :अध्ययन

बीजिंग,  सीने में जलन और पेट में अल्सर जैसी समस्याओं के उपचार के लिए आमतौर पर इस्तेमाल एंटासिड जैसी दवाओं के लंबे समय तक इस्तेमाल से पेट के कैंसर का खतरा दोगुना हो सकता है। यह चेतावनी एक अध्ययन में दी गयी है।

यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग के अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि पेट के कैंसर के लिए जिम्मेदार बैक्टीरिया हेलीकोबैक्टर पायलोरी को समाप्त करने के बाद इलाज की अवधि और दवा की मात्रा के साथ प्रोटोन पंप इन्हिबिटर (पीपीआई) के इस्तेमाल से जुड़ा खतरा बढ़ा है।

पेट से एच पायलोरी को समाप्त करने से पेट का कैंसर होने का जोखिम कम होता है।

हालांकि जिन रोगियों का सफल उपचार हो चुका है, उनमें भी बड़ी मात्रा में फिर से पेट का कैंसर पनपने का खतरा होता है। यह दुनिया में कैंसर से मौतों का तीसरा प्रमुख कारण है।

पहले के अनुसंधानों में पाया गया कि पीपीआई के इस्तेमाल का पेट कैंसर का जोखिम बढ़ने से सीधा संबंध है लेकिन इनमें एच पायलोरी की भूमिका पर ज्यादा कुछ सामने नहीं आया था जिससे अध्ययन ज्यादा लाभप्रद नहीं माना गया।

‘गट’ नामक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में पीपीआई के इस्तेमाल की तुलना शरीर में बनने वाले एसिड को कम करने के लिए उपयोग में लाई जाने वाली एक दूसरी दवा से की गयी।