गरीबी के लिए बच्चा जिम्मेदार नहीं है तो उसके साथ पक्षपातपूर्ण व्यवहार नहीं होना चाहिए : सत्यार्थी

जयपुर,  भारत को ‘बाल मित्र राष्ट्र’ के रुप में पहचान दिलाने के उद्देश्य से भारत यात्रा पर निकले नोबेल शान्ति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि गरीबी के लिए जब बच्चा स्वयं जिम्मेदार नहीं है तो उसके साथ पक्षपातपूर्ण व्यवहार नहीं होना चाहिए।

सत्यार्थी आज यहां राजस्थान पुलिस अकादमी में ‘सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भारत’ पर व्याख्यान दे रहे थे। उन्होंने बच्चों के सपनों की हत्या को सबसे बडा अपराध बताते हुए कहा कि बालकों के मुद्दों के प्रति सभी को संवेदनशीन होकर कार्य करना चाहिए।

सत्यार्थी ने कहा कि बाल यौन अपराध एक महामारी के रुप में सामने आया है तथा यह एक बहुत ही चौंकानें वाला तथ्य है कि 70 प्रतिशत मामलों में यौन हिंसा परिवार के लोगों द्वारा की जा रही है। उन्होंने राजस्थान पुलिस तथा राजस्थान पुलिस अकादमी द्वारा बाल अधिकार के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे स्वयं एक पुलिस परिवार से हैं तथा पुलिस की कार्यप्रणाली को बहुत बारीकी से समझ सकते है।

सत्यार्थी ने इस मौके पर उपस्थित श्रोताओं को बाल यौन शोषण तथा बाल तस्करी से बच्चों को सुरक्षित करने के उद्देश्य से सुरक्षित जयपुर, सुरक्षित राजस्थान तथा सुरक्षित भारत हेतु संकल्प दिलवा कर शपथ दिलवाई।

पुलिस महानिदेशक अजीत सिंह ने कहा कि सत्यार्थी द्वारा राष्ट्रीय तथा अन्तराष्ट्रीय स्तर पर बाल अधिकारों के क्षेत्र में किए गए योगदान को अमूल्य बताया। उन्होंने बताया कि राजस्थान देश का एक मात्र ऐसा राज्य है जिसमें मानव तस्करी विरोधी प्रणाली सर्वाधिक सक्रिय है तथा इस बात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक अतिरिक्त महानिदेशक स्तर के अधिकारी मानव तस्करी विरोधी प्रणाली के मुखिया के रुप में कार्य कर रहे है। कार्यक्रम में बडी संख्या में पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बच्चों से जुडी हुई संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा विद्यालयों के प्राचार्य और प्रधानाचार्य ने भाग लिया।