30 वर्षों बाद संघ के पथ संचलन का अद्भुत संगम

उज्जैन। रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उज्जैन के बाल पथ संचलनों का आयोजन दो स्थान जाल सेवा विद्यालय मैदान एवं शास्त्रीनगर मैदान से प्रारंभ हुआ। विक्रमादित्य, मधुकर, माधव नगरों के स्वयंसेवकों का एकत्रीकरण जालसेवा विद्यालय मैदान एवं केशव व राजेन्द्र नगर का एकत्रीकरण शास्त्रीनगर मैदान पर हुआ। तय कार्यक्रमों के बाद संघ के घोष दलों की धुनों पर निकले दोनों पथ संचलनों का अद्भुत संगम टॉवर चौक पर ठीक सायं 6 बजे हुआ, जहाँ दोनों पथसंचलनों के अग्रेसरों के कदम एवं घण्टाघर की घड़ी के कांटे एक साथ मिले। जो कि बाल पथसंचलन संगम का पहला अवसर था एवं इसका समापन शास्त्रीनगर मैदान सायं ६.३० बजे हुआ। नगरवासियों को ऐसा संगम उज्जैन में आज से 30 वर्ष पूर्व १९९७ में देखने को मिला था। उज्जैन के इतिहास में बाल पथसंचलन के पहले संगम का नगरवासियों ने देशभक्ति पूर्ण जयघोष एवं पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। पहले संचलन के मुख्य वक्ता मनीष गोयल, संघ के उज्जैन विभाग व्यवस्था प्रमुख ने व्यक्ति निर्माण वाली संघ की शाखा पद्धति का वर्णन करते हुए बताया कि संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार जन्मजात देशभक्त थे। बचपन में विदेशी शासक महारानी के जन्मोत्सव पर बँटी मिठाई को फैंक देना, किशोर अवस्था में वन्दे मातरम् का उद्घोष करना जैसे कई प्रेरक प्रसंग आज उपस्थित बाल स्वयं सेवकों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने बताया कि इसी शाखा से तैयार मनोज चौहान नामक स्वयं सेवक इंदौर में आई बाढ़ में सैंकड़ों नागरिकों को बचाते हुए अपना प्राणों का बलिदान कर देता है।

दूसरे स्थान शास्त्रीनगर मैदान पर आए बाल स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कुलदीपक जोशी, उज्जैन विभाग धर्मजागरण समन्वय विभाग सह संयोजक ने उपस्थित स्वयंसेवकों की तुलना शिवाजी की बाल मण्डली से की जो बाद में सेना के रूप में परिवर्तित हो गई थी। आपने बताया कि 1960 के दशक में युद्ध की परिस्थिति में तत्कालीन सेना नायक ने तत्कालीन सरसंघ चालक श्री गुरुजी से स्वयंसेवकों की सहायता मांगी थी। जिसके अंतर्गत स्वयंसेवकों ने सैनिकों को रसद पहुँचाने का काम बड़ी कुशलता एवं प्रामाणिकता से संपन्न किया था। दोनों वक्ताओं ने स्वयंसेवकों को प्रेरित करते हुए बताया कि वर्तमान में भी कई चुनौतियाँ भारत माता के सामने है, जिनका सामना करते हुए हम सभी इस समाज को जाति-पाती, छुआछूत, आतंक आदि से बँटने नहीं देंगे और भारत माता को पुन: जग शिरमौर बनाएंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बाबुलाल बैरागी मंच पर विराजमान थे। साथ सम्पूर्ण मार्ग पर समाजजनों एवं विभिन्न संस्थाओं द्वारा संचलनों का पुष्पवर्षा एवं जयघोष द्वारा भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत अतिथियों द्वारा शस्त्र पूजन किया गया। जानकारी महानगर संघचालक श्रीपाद जोशी ने दी।

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